महाराष्ट्र सरकार ने नासिक जिले के इगतपुरी तालुका में 54.58 हेक्टेयर जमीन पहचानी है, जिसे मुंबई की दादा साहेब फाल्के चित्रनगरी / गोरेगांव मॉडल की तर्ज पर फिल्म सिटी बनाने के लिए स्वीकृत किया गया है।
यह प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में पास हुआ, जिसमें अन्य वरिष्ठ मंत्री जैसे छगन भुजबल और आशीष शेलार भी मौजूद थे।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राजस्व विभाग उस चिन्हित जमीन को सांस्कृतिक कार्य विभाग (Cultural Affairs Department) को हस्तांतरित करे ताकि फिल्म सिटी के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सके।
परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता और लागत-फायदे का विश्लेषण करने के लिए KPMG को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने नवंबर अंत तक रिपोर्ट जमा करने का समय सीमा दी है।
प्रस्तावित फिल्म सिटी में इनडोर स्टूडियो, आउटडोर सेट्स, पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएँ, और यहां तक कि मनोरंजन पार्क (अम्यूज़मेंट पार्क) जैसी सहायक सुविधाएँ शामिल करने का विचार है, ताकि यह सिर्फ फिल्म निर्माण केंद्र न हो, बल्कि पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दे सके।
इस परियोजना को मुंबई से करीब 150 किलोमीटर दूरी पर रखा गया है, और इसे “गोरेगांव मॉडल” जैसा कहकर यह संकेत दिया गया है कि मुंबई के भारी दबाव को कम करने की कोशिश की जा रही है।
इससे न केवल फिल्म-टीवी उद्योग को विस्तार मिलेगा, बल्कि स्थानीय होटेल, परिवहन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और अन्य सहायक उद्योगों को भी लाभ होगा।

