मुंबई: आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (MVA) के भीतर लॉबिंग तेज हो गई है। सात सीटों पर होने वाले चुनाव में संख्या बल के आधार पर गठबंधन केवल एक सीट जीतने की स्थिति में है। ऐसे में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के बीच उम्मीदवार को लेकर मंथन और अंदरूनी बातचीत तेज हो गई है।
कांग्रेस-यूबीटी में ‘फॉर्मूला’ तय?
सूत्रों के अनुसार, Indian National Congress और Shiv Sena (UBT) के बीच एक संभावित सहमति बनी है। इसके तहत कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता Balasaheb Thorat को राज्यसभा भेजने और विधान परिषद के लिए Uddhav Thackeray को समर्थन देने पर चर्चा हुई है।
हालांकि इस फॉर्मूले पर अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन गठबंधन के भीतर इस समझौते की चर्चा तेज है।
शरद पवार की दावेदारी पर सस्पेंस
वरिष्ठता के आधार पर Nationalist Congress Party (Sharadchandra Pawar) अपने प्रमुख नेता Sharad Pawar को फिर से राज्यसभा भेजने के पक्ष में बताई जा रही है।
हालांकि अब बालासाहेब थोरात का नाम आगे आने से समीकरण बदलते दिख रहे हैं। थोरात हालिया विधानसभा चुनाव में संगमनेर सीट से हार गए थे, लेकिन गुरुवार को विधानभवन में उनकी सक्रियता ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दिया है।
जीत के लिए 38 वोट जरूरी
महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में:
- जीत के लिए एक उम्मीदवार को 38 विधायकों के वोट की आवश्यकता होगी।
- महाविकास आघाड़ी के पास कुल 46 विधायक हैं।
- संख्या बल के आधार पर महायुति छह सीटें जीत सकती है।
- MVA के खाते में केवल एक सीट आने की संभावना है।
इधर, शिवसेना (यूबीटी) के विधायक Aaditya Thackeray ने भी अपनी पार्टी के लिए उम्मीदवारी का दावा किया है, जिससे आंतरिक समीकरण और जटिल हो गए हैं।
विधान परिषद पर भी मंथन
सूत्रों के मुताबिक, विधान परिषद के लिए Uddhav Thackeray को भेजने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि यदि राज्यसभा सीट कांग्रेस को दी जाती है, तो परिषद सीट पर यूबीटी को समर्थन दिया जा सकता है।
यह ‘ट्रेड-ऑफ फॉर्मूला’ गठबंधन संतुलन बनाए रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस का दावा: राष्ट्रीय पार्टी को मिले सीट
कांग्रेस विधायक दल के नेता Vijay Wadettiwar ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है, इसलिए राज्यसभा सीट पर उसका दावा स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि सीट बंटवारे का मुद्दा आपसी बातचीत से सुलझ जाएगा और उम्मीदवार का चयन तीनों दलों की सहमति से होगा।
राज्यसभा के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित है। ऐसे में गठबंधन के भीतर अंतिम फैसला जल्द होने की संभावना है।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों में से केवल एक पर जीत की संभावनाओं ने MVA के भीतर दावेदारी को तेज कर दिया है। कांग्रेस-यूबीटी के बीच संभावित समझौते और एनसीपी की दावेदारी के बीच अब सबकी नजर अंतिम नाम पर टिकी है। आने वाले दिनों में गठबंधन की एकजुटता और रणनीति दोनों की परीक्षा होगी।

