एमवीए की पक्की मानी जा रही सीट पर उद्धव ठाकरे को उम्मीदवार बनाने की मांग, चुनाव अप्रैल में होने की संभावना
Uddhav Thackeray को एक बार फिर Maharashtra Legislative Council में भेजने की कवायद तेज हो गई है। Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) ने महाविकास आघाडी (एमवीए) के खाते में मानी जा रही सीट पर ठाकरे को उम्मीदवार बनाने की दावेदारी लगभग पेश कर दी है।
पार्टी के राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने शनिवार को कहा कि उद्धव ठाकरे विधानमंडल में विपक्ष की एक मजबूत आवाज हैं और उनका दोबारा परिषद में जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं की भी यही इच्छा है कि ठाकरे फिर से विधान परिषद में पहुंचें।
एमवीए में सबसे बड़ा दल है शिवसेना (यूबीटी)
महाविकास आघाडी (MVA) में Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) के 20 विधायक हैं, जो गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी है। इसके बाद Indian National Congress के 16 विधायक और Nationalist Congress Party (Sharad Pawar faction) के 10 विधायक हैं।
संजय राउत ने कहा कि अगर सही रणनीति बनाई जाए तो एमवीए दो सीटें भी जीत सकता है, लेकिन कम से कम एक सीट जीतना तय माना जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिषद में विपक्ष की आवाज होना लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
सभी दल मिलकर लेंगे अंतिम फैसला
राउत ने स्पष्ट किया कि चुनाव की आधिकारिक घोषणा होने के बाद एमवीए के सभी घटक दल मिलकर अंतिम निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन के विधायक कोई गलत फैसला नहीं लेंगे और उचित समय पर उम्मीदवार का नाम तय किया जाएगा।
अप्रैल में हो सकते हैं चुनाव
महाराष्ट्र में विधान परिषद की नई एमएलसी सीटों के लिए अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है। इसमें Uddhav Thackeray समेत Bharatiya Janata Party के चार और Eknath Shinde के नेतृत्व वाली शिवसेना, Indian National Congress तथा Nationalist Congress Party (Sharad Pawar faction) के एक-एक सदस्य का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
सरकार पर लगाए खरीद-फरोख्त के आरोप
जब राउत से पूछा गया कि क्या चुनाव निर्विरोध हो सकते हैं, तो उन्होंने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष विधायकों की खरीद-फरोख्त का आदी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी धनबल के जरिए विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।
राज्यसभा सीट को लेकर नाराजगी
दरअसल हाल ही में महाराष्ट्र से Rajya Sabha की सात सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 13 मार्च तय की गई है। सीटों के बंटवारे को लेकर एमवीए में कुछ नाराजगी भी सामने आई है।
इस बीच Aaditya Thackeray ने भी परोक्ष रूप से राज्यसभा चुनाव में पार्टी को उम्मीदवार उतारने का मौका न मिलने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि विधायकों की संख्या के हिसाब से उनकी पार्टी गठबंधन में सबसे बड़ी थी, फिर भी सीट दूसरी पार्टी को दे दी गई।

