मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर लगेंगे लेज़र स्पीड गन कैमरे, 320 किमी/घंटा तक की गति पकड़ने में सक्षम

Thecity news
3 Min Read

तेज रफ्तार और लापरवाही पर लगेगी लगाम, वडगांव मावल–लोनावला खंड पर 24 घंटे होगी हाईटेक निगरानी

देशभर में राजमार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण वाहनों की तेज गति मानी जाती है। इसके अलावा हाईवे पर निर्धारित लेन का पालन न करने वाले भारी वाहनों के कारण भी दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक Mumbai–Pune Expressway पर वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए अत्याधुनिक लेज़र स्पीड गन कैमरे लगाए जा रहे हैं।

वडगांव मावल और लोनावला खंड पर लगाए गए हाईटेक कैमरे

Vadgaon Maval और Lonavala के बीच Pune Rural Police ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उन्नत लेज़र स्पीड कैमरे स्थापित किए हैं। यह प्रणाली निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से चलने वाले वाहनों की पहचान करने में सक्षम है।

24 घंटे होगी वाहनों की निगरानी

पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक Sandeep Singh Gill के अनुसार राजमार्ग पर होने वाली अधिकांश दुर्घटनाएं तेज गति और लापरवाही के कारण होती हैं।

उन्होंने बताया कि नए कैमरों की मदद से वाहनों की सटीक गति पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी। इससे तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई संभव होगी और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।

320 किमी प्रति घंटे तक की गति रिकॉर्ड करने में सक्षम

इन लेज़र स्पीड गन कैमरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति को रिकॉर्ड कर सकते हैं। इससे अत्यधिक तेज गति से चलने वाले वाहनों की पहचान करना आसान हो जाएगा और पुलिस उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर सकेगी।

ग्लोबल रोड सेफ्टी पहल का हिस्सा

यह परियोजना Global Road Safety Partnership (GRSP) के साथ मिलकर पायलट आधार पर लागू की जा रही है। GRSP, Bloomberg Philanthropies के Bloomberg Initiative for Global Road Safety (BIGRS) का पार्टनर है, जो दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए काम करता है।

अन्य यातायात उल्लंघनों पर भी रहेगी नजर

यह उन्नत प्रणाली केवल तेज गति ही नहीं बल्कि अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान करने में भी सक्षम है। कैमरों के जरिए बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वाले सवारों और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले चालकों का भी पता लगाया जा सकेगा।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की आधुनिक तकनीक से तेज गति से चलने वाली कारों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों की निगरानी मजबूत होगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने में मदद मिल सकती है।

Share This Article