प्रधानमंत्री पैकेज के तहत 20 जगहों पर बनाए जा रहे हैं फ्लैट, ज्यादातर साइटों पर लिफ्ट, सड़क, ड्रेनेज और कम्युनिटी हॉल का काम भी अंतिम चरण में
प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कश्मीर में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के लिए बनाए जा रहे आवासों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। 20 अलग-अलग स्थानों पर स्वीकृत कुल 6,000 फ्लैटों में से करीब 5,176 फ्लैटों का निर्माण पूरा हो चुका है।
आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग की प्रगति और नई परियोजनाओं की समीक्षा के लिए हुई उच्चस्तरीय बैठक में इन आवासीय परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल कुमार सिंह और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती ने की।
बुनियादी सुविधाओं का काम भी अंतिम चरण में
अधिकारियों के मुताबिक, फ्लैटों के निर्माण के साथ-साथ वहां जरूरी बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने का काम भी अंतिम चरण में है। ज्यादातर साइटों पर लिफ्ट लगाने, सड़कों के निर्माण, ड्रेनेज और कम्युनिटी हॉल से जुड़े काम लगभग पूरे हो चुके हैं।
सरकार का लक्ष्य बाकी बचे निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा कर पात्र कर्मचारियों को आवास उपलब्ध कराना है।
चरणबद्ध तरीके से सौंपी जाएंगी फ्लैटों की चाबियां
अधिकारियों को बाकी निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। पहले से मंजूर सरकारी नियमों और आवंटन सूची के अनुसार पात्र कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से तैयार फ्लैटों का कब्जा सौंपा जाएगा।
इसके लिए कर्मचारियों को फेज-वाइज फ्लैटों की चाबियां देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जम्मू के प्रवासी शिविरों में भी होंगे विकास कार्य
बैठक में जम्मू के माइग्रेंट कैंपों के रेनोवेशन और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। प्रवासी शिविरों में ब्लॉक की मरम्मत के लिए सरकार ने 82.45 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसका टेंडर प्रोसेस पूरा हो चुका है और जल्द ही काम शुरू होने की बात कही गई है।
इसके अलावा प्रवासी स्कूलों, स्वास्थ्य डिस्पेंसरी, पार्कों और आंतरिक सड़कों के उन्नयन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
वहीं, जगती में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
PoJK भवन और नई परियोजनाओं पर भी काम
सुकेतार में प्रस्तावित PoJK भवन के निर्माण की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इसे चालू वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा जम्मू के पुरखू, नगरोटा, मुट्ठी और जगती स्थित कैंपों में चालू वित्त वर्ष के दौरान करीब 20 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का टेंडर प्रोसेस जारी है। इन परियोजनाओं के जरिए प्रवासी शिविरों में बुनियादी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की योजना है।

