
मुंबई, 18 अक्टूबर (सिटी न्यूज़)।
मध्य रेलवे की लोकल ट्रेनों में अप्रैल से सितंबर तक बिना टिकट यात्रा करने वालों पर की गई कार्रवाई के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस अवधि में 5,50,793 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करते पकड़ा गया, जिनसे कुल 15 करोड़ 46 लाख 73 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे प्रशासन ने बताया कि बढ़ती अनियमितताओं को देखते हुए अब टिकट जांच को और अधिक सख्त किया जा रहा है।
20 प्रतिशत से अधिक यात्री बिना टिकट यात्रा करते पाए गए
मध्य रेलवे की लोकल ट्रेनों में रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इन यात्रियों में से करीब 20 प्रतिशत लोग बिना टिकट यात्रा करते पाए गए हैं। यह आंकड़ा रेलवे के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ रहा है। प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि भविष्य में बिना टिकट यात्रा पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सितंबर में अभियान में दर्ज हुई उल्लेखनीय वृद्धि
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में पिछले वर्ष की तुलना में टिकट जांच अभियानों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान न केवल बिना टिकट यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया, बल्कि बिना बुक किए गए सामान के मामलों में भी सख्ती बरती गई। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति वैध टिकट या पास के बिना यात्रा करता है, तो उससे पूरे सफर का किराया और अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाता है।
जुर्माने की राशि और नियम
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम 250 रुपये या यात्रा किराए का तीन गुना — जो भी अधिक हो — उतना जुर्माना वसूला जाता है। वहीं, गलत श्रेणी (क्लास) में यात्रा करने वालों से किराए का अंतर और 250 रुपये अतिरिक्त दंड लिया जाता है। बिना बुक किए गए सामान ले जाने पर दोगुना किराया या 50 रुपये, जो अधिक हो, वह वसूला जाता है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें।
हर महीने औसतन 91,799 यात्री पकड़े गए
वर्तमान वित्तीय वर्ष में मध्य रेलवे द्वारा किए गए निरीक्षणों के दौरान औसतन हर महीने 91,799 यात्री बिना टिकट पकड़े गए। प्रत्येक यात्री से औसतन 280 रुपये का जुर्माना वसूला गया। जुलाई 2025 में सबसे अधिक 1,04,967 बिना टिकट यात्री पकड़े गए, जिनसे 2 करोड़ 50 लाख रुपये का दंड वसूला गया। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि यात्रियों में अनुशासन और टिकटिंग नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

