Zubeen Garg Last Film: असम के Rockstar जुबीन गर्ग की आखिरी फिल्म ‘रोई रोई बिनाले’ देखने उमड़ा जनसैलाब, 90 साल की बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर पहुंचाया थिएटर

Thecity news
3 Min Read

गुवाहाटी (असम): मशहूर असमिया गायक जुबीन गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान मौत के बाद पूरा असम शोक में डूब गया था। अब उनकी आखिरी फिल्म ‘रोई रोई बिनाले’ 31 अक्टूबर को रिलीज हुई, तो राज्यभर में लोगों ने इसे देखकर अपने प्रिय कलाकार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।


🎥 90 साल की महिला को गोद में उठाकर पहुंचाया थिएटर

फिल्म का पहला शो सुबह 5 बजे शुरू हुआ, लेकिन थिएटरों के बाहर सुबह 4 बजे से ही लंबी कतारें लग गई थीं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक 90 साल की बुजुर्ग महिला, जो चल भी नहीं सकतीं, उन्हें एक युवक ने गोद में उठाकर थिएटर तक पहुंचाया ताकि वह जुबीन की आखिरी फिल्म देख सकें।
यह दृश्य देखकर हर कोई भावुक हो गया।


🌧️ बारिश में भी जुटे हजारों प्रशंसक

असम में भारी बारिश के बावजूद जुबीन के हजारों फैंस थिएटरों के बाहर जमा हुए। राज्यभर के सिनेमा हॉलों में ‘रोई रोई बिनाले’ हाउसफुल रही। कई स्थानों पर एक हफ्ते पहले तक की एडवांस बुकिंग पूरी हो चुकी है।
फैंस का कहना है — “ये सिर्फ फिल्म नहीं, जुबीन के लिए आखिरी अलविदा है।”


🎬 19 साल की मेहनत का सपना था ‘रोई रोई बिनाले’

यह फिल्म जुबीन गर्ग का ड्रीम प्रोजेक्ट थी, जिस पर वह 19 साल से काम कर रहे थे। उनकी मौत से ठीक कुछ दिन पहले फिल्म की शूटिंग पूरी हुई थी।
फिल्म का निर्देशन राजेश भुयान ने किया और संगीत खुद जुबीन ने दिया था। फिल्म में जुबीन की असली आवाज़ सुनाई देती है, जो अब असम की संगीत विरासत बन चुकी है।


🎙️ निर्देशक बोले — “ये फिल्म जुबीन की नहीं, उनके चाहनेवालों की है”

निर्देशक राजेश भुयान ने NDTV से कहा —

“यह फिल्म जुबीन की नहीं, बल्कि उनके फैंस की है। जब लोग सुबह 4 बजे बारिश में भी थिएटर पहुंचते हैं, तो ये इतिहास बन जाता है।”

यह फिल्म म्यूज़िकल ड्रामा है जिसमें जुबीन का जीवन, संगीत और समाज से जुड़ाव दिखाया गया है।


🕊️ जुबीन की आखिरी इच्छा पर रिलीज हुई फिल्म

जुबीन गर्ग ने अपनी अंतिम इच्छा में कहा था कि उनकी यह फिल्म 31 अक्टूबर को ही रिलीज हो। निर्देशक और टीम ने उनकी इस इच्छा का सम्मान करते हुए उसी तारीख को फिल्म रिलीज की।
गायक की अंतिम यात्रा में जुटे लोगों की भीड़ ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाई थी।


🎶 असम के संगीत का अमर स्वर

‘रोई रोई बिनाले’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि जुबीन गर्ग के संगीतमय जीवन की अंतिम धुन है। उनकी आवाज़ अब भी हर असमिया के दिल में गूंज रही है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *