
बिहार के मोकामा में मारे गए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता दुलारचंद यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की क्रूरता की पुष्टि की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यादव की मौत पसलियों के टूटने और दोनों फेफड़ों के फटने की वजह से हुई। शरीर पर गहरे जख्म, गोली का निशान और आंतरिक रक्तस्राव के सबूत मिले हैं। रीढ़ की हड्डी, सिर, पीठ और पैरों पर भी चोटें पाई गईं।
पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, 35 लोग हिरासत में
घटना के बाद घोसवरी थाना अध्यक्ष मधुसूदन कुमार और भदौर थाना अध्यक्ष रविरंजन को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने अब तक 35 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पटना SSP ने बताया कि इस मामले में चार FIR दर्ज की गई हैं और जांच कई एंगल से चल रही है।
राजनीति गरमाई, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
घटना के बाद बिहार की सियासत में हलचल मच गई है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “यह सुशासन नहीं, कुशासन का उदाहरण है।” AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि “बिहार में जंगलराज पार्ट-2 चल रहा है।”
वहीं, RJD नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि “दिनदहाड़े हत्या होती है, FIR होती है लेकिन आरोपी खुलेआम घूमते हैं।”
FIR में अनंत सिंह और उनके समर्थकों का नाम
दुलारचंद यादव के पोते नीरज ने दर्ज FIR में जनता दल (यू) के बाहुबली नेता अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर आरोप लगाए हैं। नीरज ने कहा कि अनंत सिंह ने उनके दादा पर गोली चलाई और फिर गाड़ी चढ़ाकर हत्या की। एक FIR पुलिस ने और एक अनंत समर्थक ने भी दर्ज कराई है।
घटना का सिलसिला: प्रचार के दौरान चली गोली
30 अक्टूबर को जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के साथ चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। पैर में गोली लगने के बाद उन पर गाड़ी चढ़ा दी गई थी। बताया जा रहा है कि यादव, मोकामा से JDU उम्मीदवार अनंत सिंह के कड़े विरोधी थे। वहीं, अनंत सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इंकार किया और कहा कि “यह साजिश सूरजभान ने रची है।”
जांच जारी, राजनीतिक माहौल गर्माया
पुलिस ने सभी आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए विशेष टीम बनाई है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, जबकि स्थानीय प्रशासन का दावा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

