टेक दिग्गज ऐपल कंपनी की स्थापना से जुड़ा सबसे पुराना और आधिकारिक दस्तावेज अब नीलामी के लिए तैयार है। यह वही तीन पन्नों का समझौता (Founders Agreement) है, जिसे 1976 में स्टीव जॉब्स, स्टीव वोज्नियाक और रॉन वेन ने साइन किया था।
इस ऐतिहासिक दस्तावेज की नीलामी 2026 की शुरुआत में ब्रिटिश ऑक्शन हाउस क्रिस्टीज द्वारा की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी संभावित कीमत 15 से 35 करोड़ रुपये के बीच रह सकती है।
दस्तावेज का ऐतिहासिक महत्व
यह समझौता Apple Computer Company के गठन का पहला लिखित सबूत है।
इसमें तीनों फाउंडर्स के नाम के साथ उनकी शुरुआती हिस्सेदारी का विवरण दर्ज है।
हालांकि यह साझेदारी ज्यादा समय तक नहीं चली, लेकिन यह दस्तावेज तकनीकी इतिहास का एक अनमोल हिस्सा माना जाता है। आज भी यह तकनीक प्रेमियों और कलेक्टरों के लिए एक बेहद कीमती और दुर्लभ एंटीक है।
रॉन वेन का फैसला और भारी नुकसान
कंपनी शुरू होने के सिर्फ कुछ दिनों बाद ही रॉन वेन ने अपना 10% हिस्सा जॉब्स और वोज्नियाक को वापस दे दिया था।
अगर वे आज वही हिस्सेदारी रखते, तो उसकी कीमत 60 अरब डॉलर (5,300 अरब रुपये से ज्यादा) होती।
उन्होंने बाद में इस समझौते की असली कॉपी सिर्फ 500 डॉलर (44,000 रुपये) में बेच दी थी। हालांकि उन्हें अपने निर्णय पर अफसोस हुआ, लेकिन वेन ने बाद में कहा कि उस समय के हालातों में उनका फैसला सही था।
पहले भी हुई हैं ऐपल से जुड़ी महंगी नीलामियां
यह पहली बार नहीं है जब ऐपल से जुड़ा कोई सामान इतनी ऊंची बोली में बिक रहा है।
2023 में पहली पीढ़ी का कभी न खोला गया iPhone 1.90 लाख डॉलर (लगभग 1.70 करोड़ रुपये) में नीलाम हुआ था — जो उसकी मूल कीमत से लगभग 300 गुना ज्यादा था।
अब उम्मीद है कि यह 1976 का फाउंडर्स एग्रीमेंट भी नीलामी रिकॉर्ड तोड़ सकता है और सैकड़ों करोड़ रुपये में बिक सकता है।

