दूरसंचार विभाग ने फर्जी सिम और साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को दिए नए निर्देश, 9 सिम वाले ग्राहकों की फोटो से होगी पहचान; कुछ राज्यों में 6 सिम की सीमा
अगर आपके पास एक से ज्यादा मोबाइल नंबर हैं या परिवार में अलग-अलग लोगों के नाम पर कई सिम कार्ड इस्तेमाल किए जाते हैं, तो दूरसंचार विभाग के नए नियम आपके लिए जानना जरूरी है। सरकार ने फर्जी सिम, साइबर अपराध और मोबाइल नंबरों के गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए सिम कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया को और सख्त करने का फैसला किया है। अब एक व्यक्ति के नाम पर तय सीमा से ज्यादा सिम लेने की कोशिश करने वाले ग्राहकों की पहचान फोटो के जरिए भी की जाएगी।
9 सिम की सीमा पर अब फोटो से होगी निगरानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17 अगस्त को जारी सर्कुलर में दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को नए निर्देश दिए हैं। इसके तहत डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध फोटो का इस्तेमाल उन ग्राहकों की पहचान के लिए किया जाएगा, जिनके नाम पर पहले से 9 सिम कार्ड दर्ज हैं और वे नया कनेक्शन लेने की कोशिश कर रहे हैं।
नए निर्देशों के मुताबिक, अधिकतम 9 सिम वाले ग्राहकों की एक प्रतिनिधि फोटो 23 अगस्त से टेलीकॉम कंपनियों को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनियों को इन तस्वीरों को रोजाना डाउनलोड करके अतिरिक्त कनेक्शन लेने की कोशिश करने वाले ग्राहकों की पहचान करनी होगी।
24 अगस्त से शुरू होगी नई प्रक्रिया
दूरसंचार विभाग के निर्देश के मुताबिक, 24 अगस्त से टेलीकॉम कंपनियों को जरूरी तकनीकी बदलाव लागू करने होंगे। शुरुआती चरण में कंपनियां डी+1 यानी अगले दिन की जांच के आधार पर ऐसे मामलों की पहचान करेंगी। इसके बाद ग्राहक को बताया जाएगा कि तय सीमा पूरी होने के कारण नया सिम जारी नहीं किया जा सकता।
इसके बाद 30 नवंबर तक इस व्यवस्था को सब्सक्राइबर एनरोलमेंट और एक्टिवेशन सिस्टम में रियल-टाइम आधार पर एकीकृत करना होगा। अगर तकनीकी बदलाव के दौरान गलती से तय सीमा से ज्यादा कोई सिम सक्रिय हो जाता है, तो मामला सुलझने तक उस कनेक्शन को निलंबित करना होगा।
इन राज्यों में 6 सिम की सीमा
देश के अधिकांश हिस्सों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड रखने की सीमा है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में यह सीमा 6 सिम कार्ड तक बताई जा रही है।
दूरसंचार विभाग के मुताबिक, अलग-अलग ऑपरेटर और सर्विस एरिया से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म एक जगह पहचानकर समूहित करता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किसी एक व्यक्ति के नाम पर कुल कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं।
साइबर फ्रॉड रोकने की दिशा में बड़ा कदम
इससे पहले भी तय सीमा से ज्यादा सिम रखने वाले लोगों को अतिरिक्त नंबर सरेंडर करने के लिए कहा जाता था। ऐसा नहीं करने पर बाद में लिए गए कनेक्शन बंद किए जा सकते थे। हालांकि, अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों या सर्किल से नंबर लेने वाले ग्राहकों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण था।
ऐसे में अब फोटो सत्यापन को जोड़कर इस प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है। सरकार का फोकस ऐसे मोबाइल कनेक्शनों पर है, जिनका इस्तेमाल फर्जीवाड़े, साइबर ठगी या अन्य अपराधों में किया जा सकता है।

