नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि हालात को देखते हुए केंद्र सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई है और घरेलू गैस आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं।
सरकार ने देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही Narendra Modi के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अपना प्लान-बी भी लागू कर दिया है, जिसके तहत कई देशों से अतिरिक्त गैस कार्गो भारत पहुंचने लगे हैं।
संकट के बीच बढ़ाया गया घरेलू उत्पादन
वैश्विक स्तर पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे कई देशों में एलपीजी और तेल की उपलब्धता पर असर पड़ा है। भारत में बढ़ती चिंता के बीच सरकार ने कमर्शियल एलपीजी के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ा दी है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited जैसी रिफाइनरियों ने एलपीजी के घरेलू उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
सरकार का प्लान-बी कैसे कर रहा काम
एलपीजी संकट से निपटने के लिए सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ दूसरे देशों से अतिरिक्त एलएनजी-एलपीजी मंगाने की रणनीति अपनाई है। अधिकारियों के अनुसार Algeria, Australia, Canada और Norway जैसे देशों से अतिरिक्त गैस कार्गो भारत आने शुरू हो गए हैं।
सरकार ने पहले से ही गैस आयात के स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति अपनाई थी, ताकि अंतरराष्ट्रीय तनाव या खाड़ी क्षेत्र में संकट के दौरान आपूर्ति बाधित न हो।
भारत में गैस की आपूर्ति कहां से
भारत में एलएनजी की सबसे बड़ी आपूर्ति Qatar से होती है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 42 प्रतिशत है। इसके बाद United Arab Emirates, Angola और Nigeria जैसे देशों से गैस आती है।
एलपीजी आयात में भी खाड़ी देशों पर भारत की निर्भरता ज्यादा है। यूएई और कतर मिलकर कुल आयात का लगभग 62 प्रतिशत से अधिक हिस्सा देते हैं। इनके अलावा Saudi Arabia और Kuwait भी प्रमुख सप्लायर हैं, जबकि हाल के वर्षों में United States भी भारत का अहम ऊर्जा साझेदार बनकर उभरा है।
जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम
सरकार ने साफ किया है कि उसकी पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके लिए कमर्शियल प्रतिष्ठानों में एलपीजी की उपलब्धता पर निगरानी रखने के लिए तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है।
अधिकारियों के अनुसार संकट के समय गैर-जरूरी व्यवसायों द्वारा गैस की जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं, ताकि आम लोगों को घरेलू एलपीजी की कमी का सामना न करना पड़े।

