नई दिल्ली/मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी सतीश सेठ को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़े 114.98 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड मामले में की गई है। इस मामले में गौतम दोशी का नाम भी शामिल है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को मुंबई की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से जांच एजेंसी को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिली है।

दिल्ली लाकर होगी आगे की पूछताछ
चूंकि मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दिल्ली में दर्ज है, इसलिए ईडी की टीम दोनों आरोपियों को दिल्ली लेकर आ रही है। जांच एजेंसी रिमांड अवधि के दौरान उन्हें दिल्ली की विशेष अदालत में पेश करेगी और आगे की पूछताछ के लिए हिरासत की मांग कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी मामले में धन के प्रवाह, लोन राशि के उपयोग और कथित वित्तीय अनियमितताओं की विस्तृत जांच कर रही है।
कौन हैं सतीश सेठ?
सतीश सेठ को लंबे समय तक अनिल अंबानी के करीबी सहयोगियों में गिना जाता रहा है। उन्होंने रिलायंस समूह में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे रिलायंस ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के वाइस-चेयरमैन के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित वित्तीय लेन-देन और लोन उपयोग में उनकी भूमिका क्या रही।
सीबीआई की एफआईआर के बाद ईडी की एंट्री
इस मामले की शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से हुई थी। सीबीआई ने मार्च 2026 में सतीश सेठ और गौतम दोशी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने कई परिसरों और ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
सीबीआई की शिकायत के आधार पर ही प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर अपनी समानांतर जांच शुरू की।
11 बैंकों के कंसोर्टियम से जुड़ा मामला
सीबीआई की जांच के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 11 बैंकों के एक कंसोर्टियम का प्रमुख सदस्य था। इस बैंक समूह ने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को कुल 735 करोड़ रुपये का टर्म लोन मंजूर किया था।
आरोप है कि इसी स्वीकृत ऋण में से 114.98 करोड़ रुपये की राशि के उपयोग में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और धोखाधड़ी हुई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धन का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया और क्या इसमें नियमों का उल्लंघन हुआ।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच जारी
ईडी अब इस पूरे मामले में धन के स्रोत, लेन-देन की श्रृंखला और संभावित लाभार्थियों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि बैंक लोन के कथित दुरुपयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
आने वाले दिनों में इस मामले में और पूछताछ, दस्तावेजों की जांच तथा संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

