नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 135वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश की हालिया उपलब्धियों, रक्षा क्षेत्र में प्रगति और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हो रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब समुद्र से लेकर आकाश तक अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनता जा रहा है।
देशवासियों की उपलब्धियों का किया उल्लेख
पीएम मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ से जुड़कर उन्हें हमेशा खुशी मिलती है। उन्होंने बताया कि 2026 के पहले छह महीनों में देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जो हर भारतीय को गर्व से भर देती हैं। इन उपलब्धियों में रक्षा, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों में बड़ी प्रगति शामिल है।
मेड इन इंडिया C-295 एयरक्राफ्ट का जिक्र
प्रधानमंत्री ने हाल ही में कोलकाता में आयोजित नौसेना कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि आईएनएस दुनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। इन जहाजों की डिजाइन और निर्माण पूरी तरह स्वदेशी है।
उन्होंने यह भी कहा कि C-295 एयरक्राफ्ट भारत में ही बनाया जा रहा है और इसकी पहली उड़ान सफल रही है। कुल 40 ऐसे एयरक्राफ्ट देश में तैयार किए जा रहे हैं, जिससे एमएसएमई और एयरोस्पेस सेक्टर को मजबूती मिल रही है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
DRDO की स्वदेशी मिसाइल टेस्टिंग की सराहना
पीएम मोदी ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इसी महीने लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया है। यह मिसाइल DRDO की प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग भागीदारों के सहयोग से विकसित की गई है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां इस बात का संकेत हैं कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और अपनी सुरक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है।
योग दिवस पर दुनिया भर में भारत की छाप
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भी जिक्र किया और बताया कि इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारत में करोड़ों लोगों ने इस आयोजन में भाग लिया, जिससे योग को वैश्विक पहचान और मजबूती मिली है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ता देश
पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज समुद्र से लेकर आकाश तक हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। रक्षा उत्पादन, तकनीकी विकास और वैश्विक सहयोग के जरिए देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

