नकल करते पकड़े गए तो भी पूरा कर सकेंगे पेपर, आईआईटी बॉम्बे बदलने जा रहा परीक्षा के नियम

Thecity news
4 Min Read

साहिल वाकोडे की मौत के बाद 8 सदस्यीय समिति ने नए सुझाव दिए। प्रस्तावित व्यवस्था में नई उत्तर पुस्तिका, निष्पक्ष सुनवाई और परीक्षा के बाद छात्र की सुरक्षा पर जोर है।

मुंबई, 9 अक्टूबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे परीक्षा में नकल के मामलों से निपटने के अपने नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। संस्थान में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के बाद परीक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत नकल का संदेह होने पर भी छात्र को परीक्षा पूरी करने का मौका दिया जाएगा। हालांकि, नए नियमों को अभी मंजूरी मिलना बाकी है।

8 सदस्यीय समिति ने पेश किए सुझाव

आईआईटी बॉम्बे की 8 सदस्यीय समिति ने बुधवार को संस्थान की सीनेट की विशेष बैठक में अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश की। समिति में 4 शिक्षक और 4 छात्र शामिल हैं। इसका गठन साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को हुई कथित आत्महत्या के बाद किया गया था। समिति ने परीक्षा के दौरान नकल के संदेह से जुड़े मामलों में छात्रों के साथ व्यवहार और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया में बदलाव का सुझाव दिया है।

नकल का शक होने पर मिलेगी नई उत्तर पुस्तिका

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, यदि परीक्षा निरीक्षक को किसी छात्र पर नकल करने का संदेह होता है, तो वह संबंधित सामग्री जब्त कर घटना को दर्ज करेगा। इसके बाद छात्र को नई उत्तर पुस्तिका दी जाएगी, ताकि वह बिना परीक्षा छोड़े अपना पेपर पूरा कर सके।

निरीक्षक को घटना का विवरण निर्धारित फॉर्म में दर्ज करना होगा। इसके बाद मामले की जांच और आगे की कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित अनुशासनात्मक समिति की होगी।

छात्र को अपना पक्ष रखने का मिलेगा मौका

प्रस्तावित नियमों में आरोपी छात्र को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की बात कही गई है। छात्र संस्थान के कर्मचारियों की मौजूदगी में अपना बयान अलग से दर्ज करा सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा के दौरान सामने आए संदेह के आधार पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने के बजाय मामले की प्रक्रिया के तहत जांच हो।

परीक्षा के बाद क्यूआरटी हेल्पलाइन को भेजा जाएगा अलर्ट

प्रस्तावित बदलावों में छात्र की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया है। परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित मामले की सूचना क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की हेल्पलाइन को देने का सुझाव है। छात्र के परीक्षा कक्ष से बाहर निकलने के तुरंत बाद अलर्ट भेजने की व्यवस्था प्रस्तावित है, ताकि उसे परीक्षा के बाद अकेला न छोड़ा जाए और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

2015 के नियम फिर लागू, नए प्रावधानों पर रोक

आईआईटी बॉम्बे ने नकल से जुड़े सख्त नियम जुलाई में लागू किए थे, जिनसे 2015 के पुराने नियमों की जगह ली गई थी। अब नए नियमों पर रोक लगाकर फिलहाल 2015 के नियम फिर से लागू कर दिए गए हैं।

पहले लागू किए गए सख्त प्रावधानों के तहत परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन ले जाते पकड़े जाने पर छात्र को ‘फेल एंड रिपीट’ (एफआर) ग्रेड देने और एक सेमेस्टर के लिए निलंबित करने का प्रावधान था। वहीं, 2015 के नियमों में फोन ले जाने पर एक ग्रेड की कटौती और फोन का इस्तेमाल करने पर एफआर ग्रेड देने का प्रावधान बताया गया है।

फिलहाल, समिति के सुझाव प्रस्तावित हैं। इन्हें लागू करने के लिए संस्थान की मंजूरी जरूरी होगी।

Share This Article