दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसी NIA को एक बड़ा सुराग मिला है। आतंकी डॉ. शाहीन के कमरे नंबर 22 की तलाशी में ₹18 लाख नकद बरामद किए गए। इसके साथ ही कई चौंकाने वाले दस्तावेज और विस्फोटक सामग्री से जुड़े सुराग भी सामने आए हैं।
कमरा नंबर 22 में 18 लाख रुपये कैश
NIA के अनुसार, यह रकम एक साधारण पॉलीथिन बैग में छिपाकर रखी गई थी। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम शाहीन के पास कैसे आई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए होना था। इसी साल 25 सितंबर को शाहीन ने कैश में ब्रेज़ा कार भी खरीदी थी, जिससे संदिग्ध लेनदेन की आशंका और बढ़ गई है।
शाहीन और डॉ. मुजम्मिल शकील का कनेक्शन
NIA की पूछताछ में मुजम्मिल शकील ने बताया कि दोनों की मुलाकात अल फलाह यूनिवर्सिटी में हुई थी, जहां शाहीन सीनियर प्रोफेसर थीं। 2023 में दोनों ने निकाह कर लिया। जांच एजेंसी को शक है कि शाहीन के विदेशी संपर्क (अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया) आतंकी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
मुजम्मिल के तीन गुप्त ठिकाने
जांच से पता चला है कि मुजम्मिल के फरीदाबाद और आसपास तीन गुप्त ठिकाने थे:
- फतेहपुर टागा
- धौज गांव
- खोरी जमालपुर गांव (किराए का 3BHK, ₹8,000/माह)
मकान मालिक के अनुसार, मुजम्मिल खुद को कश्मीरी फल व्यापारी बताता था और कभी शक का मौका नहीं देता था।
विस्फोटक सामग्री का सुराग
NIA को यह भी पता चला कि मुजम्मिल ने लगभग 12 दिनों तक विस्फोटक सामग्री एक किसान की जमीन पर बने कमरे में छुपाई और बाद में इसे मौलवी इश्तियाक के घर में शिफ्ट किया गया।
जांच का फोकस
- क्या इन ठिकानों का इस्तेमाल आतंकी प्लानिंग और विस्फोटक बनाने में हुआ?
- विस्फोटक सामग्री कितनी थी और कहां से आई?
- मुजम्मिल-शाहीन नेटवर्क में और लोग शामिल हैं या नहीं?
जांच तेजी से चल रही है और NIA पूरे नेटवर्क और विस्फोटक सप्लाई की गहरी पड़ताल कर रही है।

