मोबाइल दुनिया में AI ऐप्स ने मचाई धूम, यूजर्स ने डाउनलोड, इन-ऐप परचेज और टाइम स्पेंट में रिकार्ड बनाया
पिछले कुछ समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने मोबाइल ऐप्स की दुनिया बदल दी है। अब यूजर्स सिर्फ सामान्य ऐप्स नहीं, बल्कि AI असिस्टेंट ऐप्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। सेंसर टावर की ग्लोबल मोबाइल रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में डाउनलोड, इन-ऐप परचेज और ऐप पर बिताए गए समय तीनों ही मामलों में AI ऐप्स ने नया रिकॉर्ड बनाया।
ChatGPT बना सबसे बड़ा स्टार
इस AI लहर का सबसे बड़ा फायदा ChatGPT को मिला। गूगल प्ले स्टोर और Apple ऐप स्टोर पर इसे जमकर डाउनलोड किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में ChatGPT के डाउनलोड में 148%, इन-ऐप परचेज 254% और एप पर बिताया गया समय 426% तक बढ़ा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मतलब है कि लोग सिर्फ ऐप डाउनलोड ही नहीं कर रहे, बल्कि प्रीमियम फीचर्स के लिए पैसे भी खर्च कर रहे हैं और लंबे समय तक इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी वजह से ChatGPT पिछले साल दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली ऐप बन गई।
AI ऐप्स की दौड़ में कौन-कौन शामिल?
AI कैटेगरी में Google Gemini, DeepSeek, Grok, Meta AI और Microsoft Copilot जैसी ऐप्स तेजी से आगे बढ़ रही हैं। ये प्लेटफॉर्म्स यूजर्स को पढ़ाई, कंटेंट क्रिएशन और ऑफिस वर्क में मदद का नया विकल्प दे रहे हैं।
सोशल मीडिया का दबदबा अभी भी बरकरार
हालांकि AI ऐप्स का क्रेज बढ़ा है, लेकिन सोशल मीडिया का दबदबा अभी भी कायम है। दुनिया भर में यूजर्स ने पिछले साल सोशल मीडिया ऐप्स पर लगभग 2.5 ट्रिलियन घंटे बिताए। औसतन हर व्यक्ति रोज लगभग 90 मिनट सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा, जो 2024 की तुलना में 5% ज्यादा है। इस मामले में TikTok डाउनलोड, इन-ऐप परचेज और टाइम स्पेंट में सबसे आगे है।
भारत में AI ऐप्स डाउनलोड में अव्वल, खर्च में पीछे
जनरेटिव AI ऐप्स डाउनलोड करने में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है। वैश्विक डाउनलोड में भारत की 20% हिस्सेदारी है। लेकिन इन-ऐप परचेज में भारतीय यूजर्स पीछे हैं। 2025 में इन-ऐप परचेज में भारत का योगदान सिर्फ 1% रहा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में लोग AI ऐप्स को अपनाने में तो आगे हैं, लेकिन प्रीमियम सुविधाओं पर खर्च करने से अभी बच रहे हैं। भविष्य में यह ट्रेंड बदल सकता है, क्योंकि AI अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बनती जा रही है।

