विमान से कुछ सेकंड के लिए हाईजैक से जुड़ा इमरजेंसी सिग्नल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं, हालांकि विमान के हाईजैक होने की पुष्टि नहीं हुई है।
फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जा रही एअर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट एआई-2030 को बुधवार सुबह अचानक जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। विमान से कुछ सेकंड के लिए हाईजैक से जुड़ा इमरजेंसी सिग्नल मिलने की जानकारी के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विमान को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9 बजे अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को विमान से कुछ सेकंड के लिए इमरजेंसी सिग्नल मिला था। बताया जा रहा है कि पायलट ने कुछ समय के लिए स्क्वॉक-7500 कोड प्रसारित किया था। इस कोड का इस्तेमाल विमान के हाईजैक होने की स्थिति में किया जाता है।
सुबह 9:35 बजे जयपुर में हुई सुरक्षित लैंडिंग
सिग्नल मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुबह करीब 9:10 बजे विमान का रास्ता बदलकर उसे जयपुर भेजने का फैसला लिया गया। इसके बाद विमान को जयपुर एयरपोर्ट पर उतारने की तैयारी शुरू की गई।
एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-2030 ने सुबह करीब 9:35 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। इसके लगभग 10 मिनट बाद, सुबह 9:45 बजे विमान को जांच के लिए आइसोलेशन बे में ले जाया गया।
आइसोलेशन बे एयरपोर्ट का एक अलग हिस्सा होता है, जहां आपात स्थिति में विमानों को खड़ा करके उनकी सुरक्षा जांच की जाती है।
जांच में क्या सामने आया?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान विमान की परिचालन स्थिति सामान्य पाई गई। हालांकि, विमान से हाईजैक अलर्ट जैसा सिग्नल क्यों मिला और स्क्वॉक-7500 कोड क्यों प्रसारित किया गया, इसकी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में विमान के हाईजैक होने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इमरजेंसी सिग्नल किस वजह से जारी हुआ था।
डीजीसीए कर रहा मामले की जांच
विमान से जुड़े इस मामले की जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) कर रहा है। डीजीसीए के सूत्रों के मुताबिक, घटना की जांच जारी है। जांच में इमरजेंसी सिग्नल जारी होने के कारणों और उससे जुड़े परिचालन पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

