‘बीमारी ROOT में है, FRUIT से इलाज नहीं होगा’, पेपर लीक पर पीएम मोदी के ऐलान के बाद अखिलेश यादव का हमला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और सख्त कार्रवाई की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि समस्या की जड़ को खत्म किए बिना समाधान संभव नहीं है।

नई दिल्ली। पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। CJP के नेतृत्व में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जब बीमारी ROOT में है तो FRUIT के इलाज से कोई नहीं माननेवाला। देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है। नाम तो सुना होगा ‘BJP’। NO FAST TRACK; BJP GO BACK!”

पीएम मोदी ने किया फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों को लेकर बड़ा फैसला घोषित करते हुए कहा था कि ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए देशभर में फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी दिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का भविष्य और उनका हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के सपनों पर सीधा हमला हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई हो।

सख्त कानून लाने की भी तैयारी

प्रधानमंत्री ने संकेत दिए कि पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जल्द ही एक और अधिक सख्त कानूनी ढांचा लाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाना है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद विपक्ष ने सरकार की मंशा और अब तक की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। अखिलेश यादव का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा माना जा रहा है।

इससे पहले भी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। वहीं, विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है और संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन जारी है।

उधर, केंद्र सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट, सख्त कानूनी प्रावधान और परीक्षा प्रणाली में सुधार के जरिए ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की दिशा में काम कर रही है।

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