गृह मंत्री ने पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया और आंतरिक सुरक्षा, चुनावों तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सीएपीएफ के योगदान की सराहना की।
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के योगदान की भी सराहना की।
अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देशभर के नागरिकों के लिए शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने का महत्वपूर्ण स्थल बन गया है। यहां देश के 36,852 शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस साल शहीदों की सूची में 154 और पुलिसकर्मियों के नाम जोड़े गए हैं। कार्यक्रम के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक महेश ने इन शहीदों के नाम पढ़े।
2018 में हुआ था राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन
गृह मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन किया था। इसका उद्देश्य देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
पुलिस की सेवा को बताया बेहद कठिन
अमित शाह ने पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियों और उनके त्याग का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में पुलिस की सेवा सबसे कठिन सेवाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि जब लोग अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और लोगों की सलामती सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।
उन्होंने कहा कि अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय परिवार से दूर रहकर राष्ट्र की सेवा में समर्पित करना बड़ी जिम्मेदारी है।
सीएपीएफ जवानों की भूमिका की सराहना
अमित शाह ने सीमाओं और देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात सीएपीएफ जवानों का आभार जताया। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, चुनाव कराने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने में उनकी भूमिका पर जोर दिया।
बंगाल चुनाव का भी किया जिक्र
गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए सीएपीएफ जवानों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि जवानों ने बिना किसी जनहानि के चुनाव संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में चुनाव से जुड़ी हिंसा पर नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि सीएपीएफ जवानों की भूमिका से चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाने में मदद मिली।
पंजाब में नशे के मुद्दे पर भी दिया बयान
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम से पहले मंगलवार को अमित शाह ने लुधियाना में पंजाब में नशे की समस्या को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने राज्य में नशे की स्थिति पर चिंता जताई और आम आदमी पार्टी की सरकार की आलोचना की।
शाह ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाना है। उन्होंने नशा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही।

