शीतला प्रसाद सरोज
मुंबई। दीपावली के पावन पर्व की खुशियां आपस में बांटने और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी, वार्ड क्रमांक-80 की ओर से अंधेरी (पूर्व) के ओल्ड नागरदास रोड स्थित रमणिकलाल भूता ग्राउंड में भव्य दीपावली संध्या समारोह का आयोजन किया गया। उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से सजे इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने दीपावली के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराष्ट्र के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता आचार्य पवन त्रिपाठी ने दीपावली के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने धैर्य, साहस और सत्य के मार्ग पर चलते हुए असत्य पर विजय प्राप्त की थी। उसी आदर्श को अपनाते हुए हमें भी समाज में व्याप्त कुरीतियों, बुराइयों और नकारात्मकता के विरुद्ध संघर्ष करना चाहिए। दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि अपने जीवन और समाज से अंधकार मिटाकर सकारात्मकता का प्रकाश फैलाने का संदेश भी देती है।

स्थानीय विधायक मुरजी पटेल ‘काका’ ने भी दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समारोह में हिंदी और मराठी के लोकप्रिय गीतों की शानदार संगीतमय प्रस्तुतियों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। उपस्थित लोगों ने संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम की सह आयोजक एवं स्थानीय नगरसेविका दिशा संध्या यादव ने अतिथियों का शाल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृतिचिह्न भेंटकर सम्मान किया। वहीं, कार्यक्रम की आयोजक एवं पूर्व नगरसेविका संध्या सुनील यादव ने समारोह को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर नगरसेविका अंजली अभिजीत सामंत, नगरसेविका ममता यादव, पूर्व नगरसेवक पंकज यादव, समाजसेवी डॉ. शिवश्याम तिवारी, समाजसेवी प्रमोद श्यामाचरण पांडेय, भाजपा नेता अखिलेश सिंह, संतोष केलकर, गणेश देसाई, जगत गौतम, राकेश तिवारी, बच्ची सिंह और संजय चौरसिया सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
दीपावली संध्या का यह आयोजन उत्सव, संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर संगम साबित हुआ। कार्यक्रम ने लोगों को आपसी प्रेम, सद्भाव और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया।

