मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा करते हुए हर घर नल का जल योजना के तहत 100 प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के साथ शिकायतों का समय पर समाधान करने को कहा।
पटना, 28 सितंबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी ने जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, रखरखाव, मरम्मती और निरीक्षण कार्यों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की योजनाओं को पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया और मुंगेर चार जोन में बांटकर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं के संचालन और निगरानी को बेहतर बनाना है।
पानी की गुणवत्ता और शिकायतों पर फोकस
बैठक में बताया गया कि राज्य में लगातार पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें जलमीनार सफाई अभियान, निरीक्षण एवं मरम्मती अभियान, जल गुणवत्ता जांच अभियान, शिकायत निवारण अभियान और प्रखंड स्तर पर भंडार सुदृढ़ीकरण अभियान शामिल हैं।
केंद्रीकृत शिकायत निवारण कोषांग के कामकाज की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से 28 सितंबर 2026 तक कुल 3,00,622 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 2,96,179 शिकायतों का निवारण किया जा चुका है। इस तरह शिकायतों के निपटारे की दर 98.5 प्रतिशत रही।
‘हर घर नल का जल’ में लापरवाही नहीं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत 100 प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी परिवारों को नियमित तथा गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति योजनाएं पूरी तरह कार्यशील रहें। निर्धारित समय तक लोगों को शुद्ध पेयजल मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। किसी इलाके से शिकायत मिलने पर उसका समय पर समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जल की गुणवत्ता की लगातार जांच कराने और पेयजल आपूर्ति योजनाओं के रखरखाव एवं अनुरक्षण कार्य को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी और विभाग के विशेष सचिव संजीव कुमार मौजूद रहे।

