आज सुबह 6 बजे से नई कीमतें लागू, नोएडा-गाजियाबाद में 95.59 रुपये और गुरुग्राम में 92.01 रुपये प्रति किलो हुआ रेट
दिल्ली और आसपास के शहरों में सीएनजी एक बार फिर महंगी हो गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के मुताबिक, शनिवार सुबह 6 बजे से सीएनजी की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी लागू हो गई। इस फैसले का सीधा असर दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी से चलने वाले ऑटो, टैक्सी, निजी वाहनों और माल ढोने वाले वाहनों पर पड़ेगा।
आईजीएल ने शुक्रवार को कीमतों में बढ़ोतरी की जानकारी देते हुए बताया था कि सीएनजी के लिए जरूरी गैस का एक बड़ा हिस्सा आयातित एलएनजी से आता है। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद स्पॉट और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की कीमतों में तेजी आई है। इसी वजह से इनपुट गैस की लागत बढ़ गई है।
आज सुबह 6 बजे से लागू हुई नई कीमतें
आईजीएल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और इसका असर गैस की लागत पर पड़ रहा है। इनपुट गैस की बढ़ी लागत की आंशिक भरपाई के लिए सीएनजी के दाम 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाना जरूरी हो गया है। कंपनी के मुताबिक, नई कीमतें शनिवार सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं।
इस साल पांचवीं बार बढ़े CNG के दाम
सीएनजी की कीमतों में इस साल यह पांचवीं बढ़ोतरी है। मई के बाद पहली बार सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। मई में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी आई थी। उस दौरान आईजीएल ने 10 दिनों के भीतर चार चरणों में सीएनजी की कीमतों में कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की थी।
नई बढ़ोतरी के बाद नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत 95.59 रुपये प्रति किलोग्राम, मेरठ में 95.47 रुपये प्रति किलोग्राम और गुरुग्राम में 92.01 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अलग-अलग राज्यों में वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) की दर और ढांचे में अंतर होने के कारण सीएनजी की कीमतें शहर और राज्य के हिसाब से अलग-अलग रहती हैं।
ऑटो, टैक्सी और माल ढुलाई पर बढ़ सकता है खर्च
सीएनजी की कीमत बढ़ने का असर दिल्ली-एनसीआर में यात्रियों और माल ढुलाई की लागत पर भी पड़ सकता है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और माल ढोने वाले वाहन सीएनजी से चलते हैं। ईंधन महंगा होने से वाहन संचालन की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आगे चलकर किराए और माल ढुलाई की दरों पर पड़ने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, जुलाई से दुनिया भर में एलएनजी की कीमतें पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने से पहले के स्तर की तुलना में करीब दोगुनी हो गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।
यूरोप में बढ़ी LNG की मांग
एशिया-जापान कोरिया मार्कर एलएनजी बेंचमार्क इस साल फरवरी में करीब 11 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) से बढ़कर अगस्त में 23.4 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू हो गया है। इसी तरह यूरोपीय टीटीएफ गैस बेंचमार्क भी करीब 11.3 डॉलर से बढ़कर 23.3 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू पहुंच गया है।
सर्दियों के मौसम से पहले यूरोप में एलएनजी का भंडारण बढ़ाया जा रहा है। मांग बढ़ने और वैश्विक आपूर्ति पर दबाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। इसका असर भारत में आयातित गैस की लागत पर भी पड़ रहा है और इसी वजह से दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं।

