चक्रवात मुरसु का कहर, भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न

Thecity news
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विजयवाड़ा में मुख्य सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ, मौसम विभाग ने तटीय जिलों में भारी बारिश और ऊंची समुद्री लहरों का अलर्ट दिया है।

चक्रवात ‘मुरसु’ का असर तटीय इलाकों में दिखाई देने लगा है। इसके चलते विजयवाड़ा के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और कई इलाकों में आवाजाही बाधित हो गई।

सोमवार देर रात शुरू हुई बारिश मंगलवार तड़के तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। बंदर रोड और पॉलीक्लिनिक रोड सहित कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया। वहीं, ‘वन टाउन’ के कई इलाकों में भी पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा रहा चक्रवात

दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरसु’ के लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा अपडेट के मुताबिक, चक्रवात के ‘वॉल क्लाउड’ का बड़ा हिस्सा जमीन पर पहुंच चुका है और इसका केंद्र तट की ओर बढ़ रहा है।

यह तूफान नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास तट से टकरा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि तट से टकराते समय हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। हवा के झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका

आईएमडी ने अनुमान जताया है कि समुद्र में सामान्य ज्वार-भाटा के स्तर से करीब 1 से 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसके कारण 3 नवंबर की सुबह तक दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के निचले हिस्सों में पानी भरने की आशंका है।

विभाग के अनुसार, बापटला के साथ-साथ कृष्णा और प्रकाशम जिलों में सबसे ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसके बाद लहरों की ऊंचाई धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है।

आईएमडी ने अगले 12 घंटों के दौरान दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है।

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