भारत से 96 रन की हार के बाद कीवी टीम पर उठे सवाल, बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की क्षमता पर चर्चा तेज
टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में करारी हार के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम एक बार फिर बड़े मुकाबलों में लड़खड़ाने को लेकर चर्चा में है। फाइनल में भारत के खिलाफ 96 रनों की एकतरफा हार ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज Dale Steyn की उस भविष्यवाणी को सच साबित कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर न्यूजीलैंड फाइनल जैसे बड़े मौकों पर जीत हासिल नहीं कर पाती, तो उन्हें ‘चोकर्स’ कहा जाने लगेगा।
दरअसल, New Zealand national cricket team पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े टूर्नामेंटों के फाइनल तक पहुंची है, लेकिन निर्णायक मुकाबलों में जीत हासिल करने में नाकाम रही है। हालिया हार ने एक बार फिर इस बहस को तेज कर दिया है कि क्या कीवी टीम अहम मौकों पर दबाव में टूट जाती है।
पिछले कुछ सालों में न्यूजीलैंड ने कई बड़े टूर्नामेंटों के फाइनल में जगह बनाई है, लेकिन ट्रॉफी उनके हाथों से फिसलती रही। ICC Cricket World Cup 2019 के फाइनल में टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद ICC Men’s T20 World Cup 2021 में भी कीवी टीम खिताब जीतने से चूक गई। वहीं ICC Champions Trophy 2025 और अब ICC Men’s T20 World Cup 2026 के फाइनल में भी न्यूजीलैंड को निराशा हाथ लगी।
इतनी बार फाइनल में पहुंचने के बावजूद ट्रॉफी न जीत पाना टीम की छवि पर असर डाल रहा है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि लगातार फाइनल में हार टीम के आत्मविश्वास पर भी प्रभाव डाल सकती है।
अतीत में ‘चोकर्स’ का टैग मुख्य रूप से South Africa national cricket team के साथ जुड़ा रहा है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका कई बार बड़े टूर्नामेंटों में दबाव के क्षणों में हार गया था। हालांकि टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन फाइनल में भारतीय टीम के सामने उनकी रणनीति पूरी तरह विफल हो गई।
भारत के खिलाफ 96 रन की करारी हार ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या न्यूजीलैंड अब बड़े मैचों में मानसिक दबाव का सामना नहीं कर पा रही है। इसी वजह से डेल स्टेन की टिप्पणी को अब क्रिकेट जगत में गंभीरता से देखा जा रहा है।
हालांकि कीवी टीम ने पिछले एक दशक में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बनाई है, लेकिन फाइनल में मिली लगातार असफलताओं ने उनके शानदार सफर पर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि न्यूजीलैंड भविष्य में इस ‘चोकर्स’ वाली छवि को तोड़ पाती है या नहीं।

