मुख्यमंत्री ने नागपुर के गांव में किसानों के साथ मनाई दिवाली, उनकी समस्याएं सुनीं और किसान परिवार अरुणाबाई व रामभाऊ बालपांडे के घर बिताई रात।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बार दिवाली का त्योहार किसानों के बीच मनाया। वह नागपुर जिले के नरखेड़ तहसील स्थित लोहारी सावंगा गांव पहुंचे और किसानों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय किसान परिवार अरुणाबाई बालपांडे और रामभाऊ बालपांडे के घर रात बिताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फडणवीस के इस कदम की तारीफ करते हुए इसे दिल को छू लेने वाला बताया।
पीएम मोदी ने की मुख्यमंत्री के कदम की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक्स पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि नागपुर जिले के नरखेड़ स्थित लोहारी सावंगा गांव में किसानों के साथ दिवाली मनाना और अरुणाबाई व रामभाऊ बालपांडे के घर रुकना दिल को छू लेने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि महाराष्ट्र में एनडीए सरकार किसानों के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और उनके कल्याण के लिए प्रयासरत है।
‘किसानों की आंखों से आंसू पोंछना ही दिवाली का असली अर्थ’
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी पोस्ट में लिखा कि किसानों की आंखों से आंसू पोंछना ही उनके लिए दिवाली का असली अर्थ है। उन्होंने बताया कि उन्हें लोहारी सावंगा गांव में अपने किसान भाइयों के साथ त्योहार मनाने का अवसर मिला।
यह गांव ऐतिहासिक हेमाडपंथी शिव मंदिर की विरासत और कन्हान नदी की प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
किसानों की परेशानियां सुनकर भावुक हुए फडणवीस
मुख्यमंत्री ने बताया कि सूखे से जूझ रहे किसानों की समस्याएं, उनके परिवारों की चिंताएं और भविष्य को लेकर उनकी आशंकाएं सुनकर वह भावुक हो गए। इस दौरान बालपांडे परिवार ने जिस अपनत्व, प्रेम और गर्मजोशी से उनका स्वागत किया, उससे वह काफी प्रभावित हुए।
फडणवीस के मुताबिक, पूरे देश में दिवाली उत्साह के साथ मनाई जा रही है, लेकिन महाराष्ट्र के किसान इस समय कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं। आर्थिक तंगी के साथ किसानों को बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य की भी चिंता सता रही है।
किसानों ने कहा- गांव आकर हमारा आधा दर्द कम कर दिया
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोहारी सावंगा के किसानों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं। बातचीत के बाद किसानों के चेहरों पर चिंता कम होती दिखाई दी।
फडणवीस के अनुसार, किसानों ने उनसे कहा कि साहब, आप इतनी दूर हमारे गांव आए और हमारे सुख-दुख में शामिल हुए, इससे ही हमारा आधा दर्द कम हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की यह बात उनके दिल को छू गई।

