रंजिश में स्कूल बस चालक की हत्या, दो सगे भाइयों को उम्रकैद; कोर्ट ने लगाया 1-1 लाख रुपये का जुर्माना

Thecity news
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साढ़े तीन साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। लाठी-डंडों से हमले में बस चालक की मौत हुई थी।

फतेहपुर, 7 अक्टूबर। पुरानी रंजिश में स्कूल बस चालक रज्जन तिवारी की हत्या के मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों रामलखन और शिवलखन को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अजय सिंह की अदालत ने दोनों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

40 मिनट तक लाठी-डंडों से किया था हमला

मामला 3 फरवरी 2023 की रात का है। फतेहपुर के किशनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर रामलखन और शिवलखन ने स्कूल बस चालक रज्जन तिवारी पर लाठी-डंडों से हमला किया था। आरोप है कि दोनों ने करीब 40 मिनट तक उसकी पिटाई की। गंभीर रूप से घायल रज्जन को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रज्जन के शरीर पर 15 चोटें मिली थीं। सिर पर लगी गंभीर चोट को उसकी मौत का कारण बताया गया था।

गवाही और सबूतों के आधार पर दोषी करार

घटना के अगले दिन मृतक के भाई विमलेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने हत्या, मारपीट और जान से मारने की धमकी की धाराओं में मामला दर्ज किया था। पुलिस ने रामलखन को घटना के कुछ दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि शिवलखन फरार था। करीब 9 दिन बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाहों और अन्य साक्ष्यों को पेश किया। इन्हीं के आधार पर अदालत ने दोनों भाइयों को हत्या का दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई।

अंतिम संस्कार रोककर परिजनों ने जताया था विरोध

रज्जन का शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया था। पत्नी मीना देवी और मां गोमती देवी ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी। परिजनों का यह भी आरोप था कि घटना से पहले उन्होंने अनहोनी की आशंका जताते हुए चौकी पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अधिकारियों के समझाने के बाद करीब 6 घंटे बाद रज्जन का अंतिम संस्कार किया गया था।

आरोपियों की मां का नाम जांच में हटाया गया

मृतक के परिजनों ने अपनी तहरीर में दोनों भाइयों की मां सरस्वती देवी को भी आरोपी बनाया था। हालांकि विवेचना के दौरान पुलिस ने उसका नाम मुकदमे से हटा दिया था। अदालत ने नियमानुसार सरस्वती देवी को तलब किया है।

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