Gold Silver Price: डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी पर दबाव, MCX में गिरावट; निवेशकों में बढ़ी सतर्कता

Thecity news
4 Min Read

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सोने और चांदी की चमक फिलहाल थोड़ी फीकी पड़ती नजर आ रही है। हाल ही में आए अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है, जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं। मजबूत डॉलर के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया है और इसका असर अंतरराष्ट्रीय से लेकर घरेलू बाजार तक साफ दिखाई दे रहा है।

घरेलू बाजार में सोना-चांदी फिसले

भारतीय कमोडिटी बाजार Multi Commodity Exchange of India (MCX) में आज सुबह सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

सोने का अप्रैल वायदा करीब 0.10 प्रतिशत गिरकर 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी का मई वायदा 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,66,969 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता देखा गया।

लगातार उतार-चढ़ाव के कारण कमोडिटी ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है और वे बाजार में फिलहाल सावधानी से निवेश कर रहे हैं।

वैश्विक बाजार में भी कीमतों पर दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली है। सिंगापुर बाजार में सोना करीब 0.9 प्रतिशत गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।

चांदी की कीमतों में भी लगभग 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 84.44 डॉलर के स्तर पर ट्रेड करती देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की मजबूती आने के बाद कई बड़े निवेशकों ने फिलहाल सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को सोने से ज्यादा प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है।

क्या यह केवल अस्थायी गिरावट है?

बाजार विशेषज्ञ Hebe Chen का कहना है कि सोने की कीमतों में आई यह गिरावट स्थायी नहीं बल्कि बाजार के लिए एक छोटा सा ठहराव हो सकता है।

साल की शुरुआत से अब तक सोने ने निवेशकों को लगभग 20 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया है, जिससे इसकी दीर्घकालिक निवेश क्षमता अभी भी मजबूत मानी जा रही है। भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की संभावनाओं के कारण आने वाले समय में सोने की मांग फिर से बढ़ सकती है।

ब्याज दरों और महंगाई का असर

अमेरिका में महंगाई के आंकड़े अपेक्षा से अधिक रहने के बाद Federal Reserve द्वारा जल्द ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है।

इस वजह से निवेशक फिलहाल अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करते हुए सोने को नकदी में बदलकर अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। वहीं यूरोपीय बाजारों में भी महंगाई बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

युद्ध और तेल संकट का बाजार पर प्रभाव

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। युद्ध के दौरान आमतौर पर सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार मजबूत डॉलर की वजह से निवेशकों का रुझान अस्थायी रूप से डॉलर की ओर ज्यादा बढ़ता दिख रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव और महंगाई का दबाव आगे भी बना रहता है, तो आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *