Gold Price Today: मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच टकराव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ दिया है, जिसके चलते सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया।
MCX पर सोना-चांदी में रिकॉर्ड तेजी
सोमवार सुबह घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना 5,811 रुपये की छलांग लगाकर 1,67,915 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वहीं 5 मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी 9,492 रुपये बढ़कर 2,84,490 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 2% से ज्यादा उछलकर लगभग 5,390 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया।
युद्ध और अनिश्चितता का सीधा असर
ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को लेकर फैली खबरों और अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों ने वैश्विक स्तर पर भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है। जवाबी कार्रवाई में तेहरान द्वारा मिसाइल हमलों की खबरों से तनाव और बढ़ गया है।
ऐसे माहौल में निवेशक सरकारी बॉन्ड और मुद्राओं की बजाय सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। संकट के दौर में सोना पारंपरिक रूप से ‘सेफ हेवन’ एसेट माना जाता है।
1973 के बाद सबसे लंबी बढ़त
विशेषज्ञों के मुताबिक फरवरी में सोने ने लगातार सातवें महीने बढ़त दर्ज की है, जो 1973 के बाद सबसे लंबा मासिक उछाल है।
केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर सोने की खरीद भी कीमतों को समर्थन दे रही है। इस साल अब तक सोना निवेशकों को करीब 25% का रिटर्न दे चुका है।
कच्चे तेल में भी चार साल की बड़ी छलांग
युद्ध की आंच कमोडिटी बाजार में साफ दिख रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है, जो पिछले चार साल का बड़ा उछाल माना जा रहा है।
डॉलर में मजबूती के बावजूद निवेशक भौतिक संपत्तियों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं, जिससे सोने की मांग और बढ़ रही है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार रणनीतिकारों का कहना है कि क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बीच सोने और चांदी में आई तेजी निवेशकों के सुरक्षित ठिकाने की तलाश का संकेत है। जब तक युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव जारी रहेंगे, तब तक कीमती धातुओं में अस्थिरता और तेजी बनी रह सकती है।

