किराये की जगहों पर चल रही थीं ड्रग्स की दो लैब, 45 करोड़ का माल बरामद

Thecity news
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एनसीबी ने 379.740 किलो एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ और 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन जब्त किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर नेटवर्क की जांच शुरू की गई है।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ग्रेटर नोएडा में सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली दो अवैध लैब का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में 379.740 किलो एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ और 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन बरामद किया गया। एजेंसी के मुताबिक, जब्त क्रिस्टलीय और अर्ध-क्रिस्टलीय पदार्थ से करीब 56 किलो तैयार क्रिस्टलीय एम्फेटामाइन बनाई जा सकती थी, जिसकी अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

एनसीबी ने यह कार्रवाई 16 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जहांनाबाद कादलपुर गांव में की। शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों लैब किराये की जगहों पर चलाई जा रही थीं।

तीन रूपों में मिला एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ

एनसीबी के अनुसार, छापेमारी के दौरान 4.260 किलो क्रिस्टलीय, 157.700 किलो अर्ध-क्रिस्टलीय और 217.780 किलो तरल एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ बरामद हुआ। इसके अलावा 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन भी जब्त किया गया।

दोनों लैब में ड्रग्स बनाने और उनकी प्रोसेसिंग के लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए गए थे। मौके से हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यून, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटैशियम परमैंगनेट समेत कई रसायन मिले। एनसीबी के मुताबिक, इन रसायनों का इस्तेमाल मेथामफेटामाइन जैसी सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में किया जा सकता है।

लैब से बड़े हीटिंग उपकरण, कांच के रिएक्शन वेसल, केमिकल के ड्रम, फिल्टर करने के उपकरण, वजन मापने वाली मशीनें, रेस्पिरेटर और अन्य प्रयोगशाला उपकरण भी बरामद किए गए।

नाइजीरियाई नागरिक होने का दावा करने वाला आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डेस्टिनी अब्राहम डुमबिरी और लल्लावमजुआली उर्फ ओलिविया लालचविमावी के रूप में हुई है। ओलिविया मिजोरम की रहने वाली है, जबकि डुमबिरी ने खुद को नाइजीरियाई नागरिक बताया था।

एनसीबी के मुताबिक, इमिग्रेशन रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि डुमबिरी जनवरी 2020 में फ्रांसिस कलोकोह नाम से भारत आया था। रिकॉर्ड के अनुसार, वह सिएरा लियोन का नागरिक था और दिसंबर 2020 तक वैध पर्यटक वीजा पर भारत आया था।

जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि आरोपी ने अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल क्यों किया और क्या उसका संबंध ड्रग्स तस्करी के किसी बड़े नेटवर्क से है।

ओलिविया पहले भी हेरोइन मामले में गिरफ्तार हुई थी

एनसीबी के अनुसार, ओलिविया को मार्च 2026 में गोवा के डाबोलिम हवाई अड्डे पर हेरोइन युक्त पाउडर की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने दर्ज किया था।

उस समय उसके चेक-इन बैग से 313 ग्राम हेरोइन युक्त पाउडर मिला था, जिसे व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में रखा गया था। फिलहाल वह उस मामले में जमानत पर बाहर थी। ग्रेटर नोएडा में सामने आए नए मामले में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

2024 में भी पकड़ी गई थी अवैध ड्रग्स लैब

ग्रेटर नोएडा में सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध कारोबार का यह पहला मामला नहीं है। अक्टूबर 2024 में एनसीबी ने गौतम बुद्ध नगर के कासना औद्योगिक क्षेत्र में चल रही एक अवैध सिंथेटिक ड्रग्स लैब का भंडाफोड़ किया था।

उस मामले की जांच में मेक्सिको के ड्रग्स कार्टेल कार्टेल डी हालिस्को नुएवा जेनेरासियोन (सीजेएनजी) से संदिग्ध संबंध सामने आए थे। उस कार्रवाई में मेक्सिको के एक नागरिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, मौजूदा मामले का पुराने नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

फंडिंग और सप्लाई नेटवर्क की जांच

एनसीबी अब आरोपियों के आर्थिक लेनदेन, रसायनों की खरीद और तैयार ड्रग्स की सप्लाई के रास्तों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क को पैसा कौन उपलब्ध करा रहा था, लैब चलाने में तकनीकी मदद किसने दी और तैयार ड्रग्स किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी।

संभावित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। एजेंसी के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील

एनसीबी ने मकान मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों, हाउसिंग सोसायटी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और सुरक्षा कर्मियों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने की अपील की है। एजेंसी ने इसके लिए राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन MANAS-1933 पर सूचना देने को कहा है।

एनसीबी के अनुसार, अवैध सिंथेटिक ड्रग्स लैब से निकलने वाला रासायनिक कचरा मिट्टी, नालों और जल स्रोतों को प्रदूषित कर सकता है। इससे लोगों की सेहत और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। एजेंसी ने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान के तहत संगठित ड्रग्स नेटवर्क और अवैध लैब के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई जारी है।

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