भारतीय रोइंग के लिए आई ऐतिहासिक सफलता को बड़ा झटका लगा है। जून 2026 में रोइंग वर्ल्ड कप में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले खिलाड़ी लक्ष्य डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके चलते भारत से यह ऐतिहासिक स्वर्ण पदक वापस लिया जा सकता है, जबकि खिलाड़ी पर चार साल तक के प्रतिबंध का खतरा मंडरा रहा है।
भारत ने जून 2026 में आयोजित रोइंग वर्ल्ड कप में पुरुषों की लाइटवेट डबल्स स्कल्स स्पर्धा में पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। हालांकि यह उपलब्धि ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य लक्ष्य के डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद पूरे परिणाम पर संकट खड़ा हो गया है।
डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए लक्ष्य
रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्य का सैंपल 25 मई को प्रतियोगिता से करीब एक महीने पहले लिया गया था। जांच में उनके नमूने में स्टैनोजोलोल (Stanozolol) नामक प्रतिबंधित प्रदर्शन बढ़ाने वाला पदार्थ पाया गया है।
डोपिंग में पॉजिटिव पाए जाने के बाद लक्ष्य को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सैंपल लिए जाने की तारीख के बाद उनके सभी प्रदर्शन अमान्य माने जाएंगे।
भारत से वापस लिया जाएगा ऐतिहासिक गोल्ड
लक्ष्य के निलंबन के कारण जून 2026 रोइंग वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत भी रद्द हो जाएगी। इसका मतलब है कि भारत से पहली बार जीता गया रोइंग वर्ल्ड कप का स्वर्ण पदक वापस लिया जाएगा।
इस स्पर्धा में लक्ष्य के साथ उज्ज्वल कुमार सिंह ने भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर देश को ऐतिहासिक सफलता दिलाई थी।
चार साल तक के प्रतिबंध का खतरा
नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने लक्ष्य को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। यदि वह खुद को निर्दोष साबित नहीं कर पाए, तो उन पर अधिकतम चार साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
भारतीय खेलों के लिए एक और झटका
हाल के दिनों में भारतीय खेलों में डोपिंग के कई मामले सामने आए हैं। इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए चुने गए विभिन्न खेलों के तीन खिलाड़ियों को भी डोपिंग के कारण भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था।
रोइंग वर्ल्ड कप में मिला पहला स्वर्ण पदक भारतीय खेलों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा था, लेकिन अब डोपिंग विवाद के कारण यह रिकॉर्ड भी देश के हाथ से निकलता दिखाई दे रहा है।

