मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Iran, Israel और United States के बीच जारी टकराव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Indian Navy ने ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत Strait of Hormuz से गुजर रहे भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाया है।
दुनिया के कई देशों के जहाज जहां संभावित हमलों और नाकेबंदी के डर से इस मार्ग से गुजरने से हिचक रहे हैं, वहीं भारतीय नौसेना की निगरानी में भारत की ओर आ रहे मालवाहक जहाज सफलतापूर्वक इस जलमार्ग को पार कर चुके हैं।
भारतीय नौसेना की निगरानी में पार हुए टैंकर
सरकारी सूत्रों और रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक Shipping Corporation of India के दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर Shivalik LPG Tanker और Nanda Devi LPG Tanker भारतीय नौसेना की कड़ी निगरानी में होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
इनमें से ‘शिवालिक’ को एक भारतीय युद्धपोत सीधे एस्कॉर्ट कर रहा है। इसके अलावा भारतीय तेल टैंकर Jag Prakash Oil Tanker, जो Oman से Africa की ओर गैसोलीन लेकर जा रहा था, वह भी होर्मुज के पूर्वी हिस्से से सुरक्षित निकल चुका है।
ऑपरेशन संकल्प: खाड़ी में भारत का सुरक्षा कवच
Indian Navy ने जून 2019 में ऑपरेशन संकल्प शुरू किया था। इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना है।
Oman के तट के पास तैनात भारतीय युद्धपोत लगातार इस क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। अब तक इस ऑपरेशन के तहत 23 युद्धपोत बारी-बारी से तैनात किए जा चुके हैं।
इस संवेदनशील क्षेत्र में करीब 23,000 भारतीय नाविक और लगभग 24 व्यापारिक जहाज मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय नौसेना निभा रही है।
ईरान ने दिया सुरक्षित मार्ग का संकेत
भारत की कूटनीतिक कोशिशों को भी इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। भारत में Mohammad Fathali, जो Iran के राजदूत हैं, उन्होंने संकेत दिया है कि भारत को जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए आधिकारिक सेफ पैसेज मिल सकता है।
बताया जा रहा है कि S. Jaishankar और ईरानी नेतृत्व के बीच हुई बातचीत ने इस तनावपूर्ण माहौल में भी भारत की ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
INS सुदर्शिनी की वैश्विक यात्रा
इस बीच भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत INS Sudarshini अपनी 22,000 समुद्री मील लंबी वैश्विक यात्रा ‘लोकायन-26’ के तहत Valletta के बंदरगाह पहुंच गया है।
यह जहाज Suez Canal और Alexandria होते हुए माल्टा पहुंचा, जो भारत और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते समुद्री संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह जलमार्ग केवल लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा है, लेकिन यहां से दुनिया का करीब 31% कच्चा तेल गुजरता है।
हालिया तनाव के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और इजरायल के समर्थक जहाजों को यहां से गुजरने नहीं देगा। ऐसे में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
इस स्थिति में भारतीय नौसेना की तैनाती न केवल भारतीय जहाजों की सुरक्षा कर रही है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत बना रही है।

