12 हजार से अधिक छात्रों ने प्रयासों की सीमा बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, परीक्षा के नियमों में बदलाव पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
कानपुर, 21 अक्टूबर।
आईआईटी में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड में शामिल होने के मौकों की संख्या दो से बढ़ाकर तीन की जा सकती है। आईआईटी कानपुर के निदेशक मनिंद्र अग्रवाल ने आने वाले वर्षों में इस संभावना पर विचार किए जाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नियमों में बदलाव की कोई तत्काल योजना नहीं है।
दरअसल, 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड की पात्रता शर्तों की समीक्षा करने की मांग की है। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, आईआईटी परिषद और संयुक्त प्रवेश बोर्ड (जेएबी) से परीक्षा में शामिल होने के मौकों की मौजूदा सीमा पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
छात्रों का कहना है कि मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक परिस्थितियों और परीक्षा के तनाव जैसी वजहों से उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अतिरिक्त मौका मिलने से उन्हें आईआईटी में दाखिला पाने के लिए अपनी तैयारी सुधारने का अवसर मिल सकता है।
कोचिंग पर निर्भरता कम करने की जरूरत
मनिंद्र अग्रवाल ने एक कार्यक्रम में कहा कि जेईई एडवांस्ड में बदलाव की मांग उठ रही है। द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में परीक्षा प्रणाली में संभावित बदलावों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
अग्रवाल ने यह भी चिंता जताई कि जेईई की तैयारी में कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को कोचिंग पर निर्भर होने से बचाने के लिए बदलाव की जरूरत है और इस दिशा में बातचीत चल रही है।
कोविड के दौरान छात्रों को मिली थी अतिरिक्त छूट
कोविड-19 महामारी के दौरान पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित होने के कारण आईआईटी प्रशासन ने 2020 और 2022 में कुछ उम्मीदवारों को विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त मौका दिया था। बाद में स्थिति सामान्य होने पर ये छूट वापस ले ली गईं।
इसके बाद से छात्र जेईई एडवांस्ड में तीसरे प्रयास की स्थायी व्यवस्था करने की मांग करते रहे हैं। उनका तर्क है कि अतिरिक्त मौका उन विद्यार्थियों के लिए मददगार हो सकता है, जिनकी तैयारी या परीक्षा देने की योजना उनके नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुई।
फिलहाल दो प्रयासों का नियम लागू
मौजूदा नियमों के अनुसार, उम्मीदवार लगातार दो वर्षों में अधिकतम दो बार जेईई एडवांस्ड की परीक्षा दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं।
तीसरा प्रयास मिलने से उन छात्रों को तैयारी सुधारने का अतिरिक्त समय मिल सकता है, जो किसी कारण से पहले दो मौकों में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए। हालांकि, इससे छात्रों पर एक और साल तैयारी करने का दबाव बढ़ने और कोचिंग पर खर्च बढ़ने की आशंका भी है।
फिलहाल, जेईई एडवांस्ड में प्रयासों की सीमा बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए आगामी परीक्षाओं में तीसरा मौका मिलेगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

