पिछले वीकेंड भारी भीड़ के बाद प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट की नई योजना तैयार की है। रोजाना 20,000 से 25,000 श्रद्धालुओं की संख्या को मैनेजेबल कैप माना गया है।
नैनीताल, 7 अक्टूबर। कैंची धाम और नैनीताल में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। होटल या ठहरने की बुकिंग के बिना पहुंचने वालों की भी जांच की जा सकती है। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रैफिक, पार्किंग, शटल सेवा और भीड़ नियंत्रण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं।
रजिस्ट्रेशन से तय होगी भीड़ की सीमा
पिछले वीकेंड कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या 50,000 से ज्यादा पहुंच गई थी। इसके बाद प्रशासन ने तय किया है कि पहले से यह जानकारी जुटाई जाए कि किसी दिन कितने श्रद्धालु पहुंचने वाले हैं। डीएम और एसएसपी की ओर से श्रद्धालुओं के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश शासन को भेजी जाएगी। फिलहाल यह प्रस्ताव है और अंतिम व्यवस्था शासन के फैसले के बाद स्पष्ट होगी।
प्रशासन की चर्चा में रोजाना 20,000 से 25,000 श्रद्धालुओं की संख्या को फिलहाल मैनेजेबल कैप माना गया है। हालांकि यह अंतिम सीमा नहीं है और उपलब्ध सुविधाओं तथा हालात के आधार पर इसमें बदलाव किया जा सकता है।
हाईवे पर नहीं लगने दिया जाएगा जाम
प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर है कि कैंची धाम की भीड़ का असर भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर न पड़े। यह मार्ग अल्मोड़ा के साथ बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। हर वीकेंड से पहले एसडीएम, सीओ और एआरटीओ स्तर पर बैठक कर भीड़, पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और शटल सेवा की समीक्षा की जाएगी। भीड़ बढ़ने पर भवाली और आसपास के इलाकों से शटल सेवा चलाने की तैयारी भी की जाएगी।
मंदिर परिसर में भी श्रद्धालुओं के आने और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे, ताकि आमने-सामने की भीड़ कम हो और आवाजाही सुचारू रहे।

होटल बुकिंग और ओवररेटिंग पर भी नजर
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि कैंची धाम आने से पहले होटल या ठहरने की व्यवस्था बुक कर लें। बिना बुकिंग पहुंचकर होटल या होमस्टे की तलाश में वाहन सड़कों पर घूमने से ट्रैफिक और पार्किंग का दबाव बढ़ता है। जरूरत पड़ने पर होटल बुकिंग की जांच भी की जा सकती है।
इसके अलावा दुकानदारों, होटल और होमस्टे संचालकों को रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। मनमाने दाम वसूलने की शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। गंभीर नियम उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस या अनुमति पर भी कार्रवाई हो सकती है।
शिप्रा नदी में नहाने पर सख्ती
कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी के आसपास भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। नदी में स्नान और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों को देखते हुए वन विभाग की ड्यूटी लगाने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने निजी मोटरसाइकिलों को व्यावसायिक तौर पर टैक्सी की तरह इस्तेमाल करने की शिकायतों पर भी सख्ती के निर्देश दिए हैं। नियमों के खिलाफ ऐसे वाहनों के इस्तेमाल पर परिवहन विभाग कार्रवाई कर सकता है।

