27वें कारगिल विजय दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने कारगिल युद्ध के वीरों के साहस, बलिदान और देशभक्ति को याद करते हुए उन्हें राष्ट्र का गौरव बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (26 जुलाई) को 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में देश की संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा के लिए सैनिकों द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भारतीय जवानों ने जिस वीरता का परिचय दिया, वह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर पूरा देश उन बहादुर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि देश के प्रति सैनिकों का अटूट प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
अमित शाह बोले- कारगिल विजय भारतीय सेना के शौर्य का प्रतीक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कारगिल विजय दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस और असाधारण वीरता का प्रतीक है।
शाह ने कहा कि वर्ष 1999 में हिमालय की दुर्गम और बर्फ से ढकी चोटियों पर अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने ‘ऑपरेशन विजय’ के जरिए दुश्मन को पराजित किया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर सपूतों को देश हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा।
राजनाथ सिंह ने द्रास में दी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। विजय दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध के बाद भी देश के सामने सुरक्षा संबंधी चुनौतियां समाप्त नहीं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि आज भी घुसपैठ और प्रॉक्सी युद्ध जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय सेना हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। रक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी ने भी वीर जवानों को किया नमन
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी कारगिल विजय दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का साहस और समर्पण हमेशा राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि देश अपने सैनिकों के शौर्य, वीरता और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
क्यों मनाया जाता है कारगिल विजय दिवस?
हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत कारगिल की ऊंची चोटियों से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर निर्णायक जीत हासिल की थी। यह दिन भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, बलिदान और अटूट संकल्प का प्रतीक माना जाता है।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देशभर में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनकी वीरगाथाओं को याद कर राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च योगदान को सम्मान दिया जाता है।

