75 साल की उम्र में अभिनेता के निधन पर पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह ने उनके अभिनय, सादगी और समाजसेवा को याद किया।
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने शोक जताया है। 75 वर्षीय अभिनेता का गुरुवार सुबह गोवा में निधन हुआ। वह डोना पाउला स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए थे और उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की गई। अस्पताल के अनुसार, गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पीएम मोदी ने बताया असाधारण कलाकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बहुत कम अभिनेताओं में उनकी जैसी गहराई, अनोखापन और प्रभावशाली मौजूदगी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि नाना ने हर भूमिका में शानदार विविधता और रचनात्मकता दिखाई और ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।
पीएम मोदी ने अभिनेता के बेबाक और स्पष्ट विचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बेहद अहम रहा और उनके निधन से एक गहरा खालीपन पैदा हो गया है। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राजनाथ सिंह बोले- अपने आप में एक संस्था थे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि नाना की बहुमुखी प्रतिभा और अभिनय की गहराई उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाती थी।
राजनाथ सिंह ने ‘अंकुश’, ‘प्रहार’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में उनके गंभीर अभिनय के साथ उनकी कॉमिक टाइमिंग को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नाना की आवाज, प्रभावशाली मौजूदगी और अलग-अलग किरदारों में ढलने की क्षमता ने उन्हें अद्वितीय बनाया। राजनाथ सिंह ने नाना को सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था बताया।
अमित शाह ने नाम फाउंडेशन के काम को भी याद किया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नाना पाटेकर के निधन को कला की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि करीब पांच दशक लंबे करियर में नाना ने सहज अभिनय और दमदार संवाद अदायगी से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।
अमित शाह ने नाना के सामाजिक कामों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए सूखा प्रभावित किसान परिवारों की मदद करने से लेकर सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए सीमा पर जाने तक, नाना अपनी जड़ों से जुड़े रहे। शाह ने अभिनेता की सादगी और स्पष्टवादिता को भी याद किया और उनके परिवार व प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताई।
नाना पाटेकर के निधन के बाद हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ-साथ देशभर में उनके प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। करीब पांच दशक के करियर में उन्होंने गंभीर, सामाजिक, कॉमेडी और नकारात्मक भूमिकाओं के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई थी।

