अलग-अलग राज्यों में मुकदमों और याचिकाओं को लेकर दोनों के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी तकरार तेज, दीपके ने पोकेमॉन कार्ड से की तुलना।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरभ दास और पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच सोशल मीडिया पर तंज कसने का सिलसिला शुरू हो गया है। अभिजीत दीपके ने सौरभ दास के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दायर हो रहे मुकदमों और याचिकाओं को लेकर निशाना साधा। इसके जवाब में सौरभ दास ने भी उन्हें उसी अंदाज में जवाब दिया।
अभिजीत दीपके ने मंगलवार देर रात एक पोस्ट में कहा कि सौरभ दास अदालत की अवमानना से जुड़ी कार्रवाइयों का कलेक्शन बना रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई ऐसा राज्य बचा है, जहां उनके खिलाफ जनहित याचिका या अवमानना याचिका दायर नहीं हुई हो।
दीपके ने लिखा, “सौरव दास जनहित याचिकाओं और अदालत की अवमानना से जुड़े ऐसे इकट्ठा कर रहे हैं, जैसे कोई पोकेमॉन कार्ड जमा करता है। भाई, क्या कोई ऐसा राज्य बचा है, जहां तुम्हारे खिलाफ कोई जनहित याचिका या अवमानना याचिका दायर न हुई हो?”
किस मामले को लेकर किया तंज?
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में एक खबर का भी हवाला दिया। मामला अभिनेता इमरान खान से जुड़े बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर सौरभ दास की टिप्पणी से जुड़ा है।
हाल ही में बीजेपी के एक कार्यकर्ता और वकील ने सौरभ दास के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल से लिखित सहमति मांगी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवेकानंद गुप्ता नाम के इस कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि सौरभ दास की टिप्पणियां न्यायपालिका की निष्पक्ष आलोचना की सीमा से आगे बढ़कर जजों की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।
सौरभ दास ने जजों पर क्या कहा था?
इससे पहले मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सौरभ दास ने दावा किया था कि कुछ जज व्यक्तिगत सोच के आधार पर फैसले सुनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि जज सरकार की मनमानी पर अंकुश लगाने के बजाय उपदेश देने में लगे हैं।
उन्होंने इस स्थिति को देश पर एक बड़ा काला धब्बा बताते हुए चेतावनी दी थी कि संविधान की अवहेलना करने वालों को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
नागरिकता और बैकग्राउंड की जांच की मांग
सौरभ दास पर इससे पहले भी संवैधानिक अदालतों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे हैं। इस बीच मद्रास हाईकोर्ट में उनकी नागरिकता और बैकग्राउंड की जांच की मांग को लेकर एक याचिका दायर की गई है।
बीते शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका में मांग की गई है कि यदि सौरभ दास विदेशी नागरिक पाए जाते हैं तो उनका पासपोर्ट रद्द किया जाए।

