विदेशी पूंजी निकासी और वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों की संपत्ति में 5.5 लाख करोड़ की कमी
मुंबई से मिली जानकारी के अनुसार, कमजोर वैश्विक रुझानों और विदेशी निवेशकों की ताजा निकासी के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स 961.42 अंक लुढ़ककर 81,287.19 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 317.90 अंक गिरकर 25,178.65 अंक पर आ गया। विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका और वैश्विक बाजारों की कमजोरी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इस बिकवाली के चलते निवेशकों की संपत्ति में 5.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान देखने को मिला।
- दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक करीब 1% गिरा।
- जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसैंग बढ़त में रहे।
यूरोपीय बाजारों में कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख देखा गया। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका के बाजार गुरुवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
रुपया भी दबाव में
वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण भारतीय मुद्रा पर भी दबाव रहा। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया आठ पैसे टूटकर 90.99 पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहेगी, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

