शेयर बाजार में फिर बढ़ी बिकवाली, सेंसेक्स 492 अंक टूटा; निफ्टी 22,450 के करीब, आरबीआई का असर बरकरार

Thecity news
2 Min Read

आरबीआई की दर बढ़ोतरी, ऊंची बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार की धारणा पर दबाव बना हुआ है।

मुंबई, 8 अक्टूबर। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे सत्र दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली गिरावट के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर में बिकवाली तेज हो गई। सेंसेक्स करीब 492 अंक टूटकर 72,175.95 के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 22,445.15 के आसपास का इंट्रा-डे लो छुआ। दोपहर के करीब सेंसेक्स 406 अंक और निफ्टी करीब 158 अंक नीचे कारोबार कर रहे थे।

बाजार पर आरबीआई की बुधवार की मौद्रिक नीति का असर भी बना हुआ है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है और अपना रुख ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है। करीब 4 साल में यह पहली रेपो रेट बढ़ोतरी है।

आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में दिखी मजबूती

सेक्टोरल कारोबार में आईटी और हेल्थकेयर से जुड़े शेयर अपेक्षाकृत मजबूत रहे। टीसीएस के सितंबर तिमाही के नतीजों से पहले आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, आईटीसी समेत कई बड़े शेयरों में दबाव रहा।

वैश्विक बाजारों में कमजोरी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के ऊंचे स्तर और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी घरेलू बाजार की धारणा प्रभावित की। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है।

एफआईआई की भारी बिकवाली ने बढ़ाया दबाव

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 7 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार से 6,121.40 करोड़ रुपये की निकासी की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 4,596.60 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।

विशेषज्ञों के मुताबिक ऊंची घरेलू ब्याज दरों, महंगे कच्चे तेल, कमजोर रुपये और वैश्विक स्तर पर सख्त मौद्रिक परिस्थितियों के बीच निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। बुधवार को सेंसेक्स 429.11 अंक गिरकर 72,638.70 और निफ्टी 173.05 अंक टूटकर 22,603.05 पर बंद हुआ था।

Share This Article