UP Police SI Exam 2026: उत्तर प्रदेश में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित प्रश्नपत्र को भर्ती बोर्ड ने पूरी तरह फर्जी बताया है। परीक्षा 14 और 15 मार्च को राज्य के 75 जिलों में आयोजित की जा रही है। भर्ती बोर्ड ने साफ कहा है कि वायरल पेपर का वास्तविक परीक्षा से कोई संबंध नहीं है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
4543 पदों के लिए 15.75 लाख अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश पुलिस में एसआई के 4543 पदों पर भर्ती के लिए इस बार 15 लाख 75 हजार 760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा राज्य के 75 जिलों में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित की जा रही है।
वायरल प्रश्नपत्र को बताया भ्रामक
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर “UP SI EXAM_14 March 2026_Shift-1” के नाम से जो प्रश्नपत्र वायरल किया जा रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक और निराधार है।
बोर्ड ने कहा कि इस तरह के किसी भी वायरल पेपर का आयोजित उपनिरीक्षक परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे फर्जी प्रश्नपत्र वायरल करने वाले प्लेटफॉर्म और व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
पेपर लीक की अफवाहों पर सख्त निगरानी
भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। पेपर लीक की अफवाहें फैलाने, पेपर की खरीद-फरोख्त, नकल या सॉल्वर गैंग जैसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के झांसे में न आएं और किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल न हों।
अब तक 4 एफआईआर दर्ज
भर्ती बोर्ड ने बताया कि पेपर लीक से जुड़ी भ्रामक सूचनाएं फैलाने और अभ्यर्थियों को गुमराह करने के मामलों में अब तक 4 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं।
बोर्ड के अनुसार इस तरह की गतिविधियां अभ्यर्थियों के आर्थिक शोषण की मंशा से की जाती हैं और यह अपराध की श्रेणी में आती हैं।
परीक्षा से पहले सॉल्वर गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
परीक्षा से एक दिन पहले पुलिस ने सॉल्वर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। टप्पल पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में जट्टारी क्षेत्र से दोनों आरोपियों को पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित पुत्र प्रेमपाल और हरिकेश पुत्र घमंडी सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ललित सॉल्वर गिरोह से जुड़ा है और वह परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने की बात कहकर पैसे ले चुका था।
हरिकेश शनिवार को मैनपुरी में परीक्षा देने वाला था। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई प्रवेश पत्र भी बरामद किए हैं और मामले की जांच जारी है।
अभ्यर्थियों को बोर्ड की चेतावनी
भर्ती बोर्ड ने दोबारा चेतावनी देते हुए कहा कि पेपर लीक से जुड़ी भ्रामक सूचनाएं फैलाना या इसमें सहयोग करना दंडनीय अपराध है। परीक्षा की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

