टीएमसी नाम और चुनाव चिन्ह विवाद के बीच नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा घटनाक्रम, ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिया; कुछ घंटे बाद पुराने हत्या मामले में गिरफ्तारी
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। चुनाव आयोग के टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अंतरिम रोक लगाने के फैसले के बाद अब नंदीग्राम में ममता बनर्जी के खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। समर्थन के कुछ घंटे बाद ही मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
चुनाव आयोग ने टीएमसी के नाम और चिन्ह पर लगाई अंतरिम रोक
चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को आगामी उपचुनावों के लिए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और उसके आरक्षित ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा दी थी। आयोग के मुताबिक, टीएमसी के दो प्रतिद्वंद्वी गुट खुद को असली पार्टी बताते हैं और उपचुनाव से पहले दोनों के विवाद का अंतिम समाधान संभव नहीं था।
आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ने की व्यवस्था करने को कहा है। यह व्यवस्था फिलहाल आगामी उपचुनावों तक लागू रहेगी।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को बाद में ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। ममता बनर्जी ने आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे ने वापस लिया नामांकन
नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने 18 सितंबर को अपना नामांकन वापस ले लिया। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। नामांकन वापस लेने के बाद उनके इस फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि, उनके नामांकन वापस लेने की वजह को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन संचिता प्रधान डे की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत कारण सामने नहीं रखा गया है।
ममता ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को दिया समर्थन
संचिता डे के चुनावी मैदान से हटने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। ममता ने कांग्रेस को ‘सिस्टर पार्टी’ बताते हुए विपक्षी गठबंधन के तहत समर्थन की बात कही।
इसके कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान को पुलिस ने 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई पुराने मामले और लंबित वारंट से जुड़ी बताई गई है।
गिरफ्तारी पर टीएमसी और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद टीएमसी और कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कार्रवाई बताया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।
वहीं, बीजेपी नेताओं ने घटनाक्रम को लेकर अलग राजनीतिक दावे किए हैं। बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू ने संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने को लेकर दावा किया कि ममता बनर्जी को चुनाव में हार का अंदेशा था। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना है। टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग का अंतरिम फैसला, उम्मीदवारों के बदलाव और मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद इस सीट पर चुनावी घटनाक्रम और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

