पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ने बताया कि फिल्म की पटकथा पर छह महीने से काम चल रहा है और अगले 9 से 12 महीनों में इसके पूरा होने की उम्मीद है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह की जिंदगी पर बनने वाली बायोपिक को लेकर नया अपडेट सामने आया है। युवराज ने बताया कि फिल्म की पटकथा पर पिछले छह महीनों से काम चल रहा है। उम्मीद है कि अगले 9 से 12 महीनों में स्क्रिप्ट पूरी हो जाएगी। सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो अगले साल फिल्म की शूटिंग शुरू हो सकती है।
इस बायोपिक का निर्माण भूषण कुमार और फिल्म ‘सचिन: ए बिलियन ड्रीम्स’ के निर्माता रवि भगचांदका कर रहे हैं। फिल्म में युवराज के क्रिकेट करियर के साथ उनके संघर्ष और निजी जिंदगी के अनदेखे पहलुओं को भी दिखाए जाने की उम्मीद है।
कैंसर से लड़ाई के दिनों को किया याद
एक इंटरव्यू में युवराज ने अपने क्रिकेट करियर, फिटनेस और कैंसर से जंग के दिनों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं है।
युवराज ने बताया कि एक समय वह अपनी बीमारी के बारे में बात करने से डरते थे। उन्हें आशंका थी कि कैंसर की जानकारी सामने आने से उनका क्रिकेट करियर खत्म हो सकता है। हालांकि, बीमारी से उबरकर मैदान पर वापसी करना उनके जीवन का अहम दौर रहा।
मानसिक स्वास्थ्य को बताया जरूरी
युवराज ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि मुश्किल समय में अपनी परेशानियां परिवार और दोस्तों के साथ साझा करनी चाहिए। अपनों से बातचीत करने से कठिन परिस्थितियों का सामना करने की ताकत मिलती है।
क्रिकेट के मैदान पर रचा था इतिहास
युवराज सिंह ने अपने करियर में कई यादगार उपलब्धियां हासिल की हैं। 2007 के टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाकर इतिहास रचा था।
इसके बाद 2011 के वनडे विश्व कप में भी वह भारतीय टीम की जीत के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे। इसी दौर में उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई लड़ी और फिर क्रिकेट के मैदान पर वापसी की।
अब उनकी बायोपिक के जरिए दर्शकों को उनके शानदार क्रिकेट सफर के साथ बीमारी से संघर्ष और निजी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं को जानने का मौका मिल सकता है।

