जियो वर्ल्ड प्लाजा में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, एक आरोपी ने खुद को PMO अधिकारी बताया तो दूसरे ने SPG सदस्य होने का दावा किया; हथियारबंद पूर्व सैनिक के पास से रिवॉल्वर और छह जिंदा कारतूस बरामद, तीसरा आरोपी फरार
मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा में सेंध की कोशिश का मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने सोमवार देर रात जियो वर्ल्ड प्लाजा में कथित तौर पर सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने और पहचान छिपाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताया, जबकि उसके साथ मौजूद एक पूर्व सैनिक ने खुद को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) का सदस्य बताया। उसके पास रिवॉल्वर भी थी। मामले में एक तीसरा व्यक्ति फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
फोन पर PMO का पहचान पत्र दिखाकर मिली एंट्री
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, खार निवासी 24 वर्षीय रोहन पारेख सोमवार शाम करीब 4:50 बजे जियो वर्ल्ड प्लाजा पहुंचा। उसने सुरक्षा कर्मचारियों से कहा कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करता है। इसके बाद उसने अपने फोन पर PMO का कथित पहचान पत्र दिखाया, जिसके बाद उसे अंदर जाने दिया गया।
पुलिस के अनुसार, पारेख दो अन्य लोगों के साथ प्लाजा पहुंचा था। इनमें से एक के पास बंदूक देखकर सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे रोक लिया। बंदूक लेकर पहुंचे व्यक्ति ने खुद को SPG का सदस्य बताया। पारेख कुछ ही मिनट बाद प्लाजा से बाहर निकल गया और तीनों वहां से चले गए।
SPG की जांच में फर्जी निकले दोनों दावे
पारेख के PMO अधिकारी होने और उसके साथ मौजूद हथियारबंद व्यक्ति के SPG सदस्य होने के दावों की SPG ने जांच की। जांच में दोनों दावे फर्जी पाए गए।
इसके बाद मॉल के प्रवेश द्वार की CCTV फुटेज खंगाली गई। फुटेज में तीनों एक मर्सडीज कार से आते दिखाई दिए। कार की नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस को पता चला कि वाहन खार वेस्ट की 12वीं रोड निवासी रोहन प्रेमल पारिख के नाम पर पंजीकृत है। इसके बाद पुलिस की टीम पारेख को पकड़ने उसके पते पर पहुंची।
बॉडीगार्ड के पास मिली रिवॉल्वर, छह कारतूस बरामद
पुलिस के मुताबिक, पारेख ने बताया कि उसके साथ आने वालों में एक उसका दोस्त प्रतमेश बागुल था, जो वर्ली का रहने वाला है। दूसरे व्यक्ति की पहचान दिलीप कुंडे के रूप में हुई, जो पारेख के पिता का बॉडीगार्ड और पूर्व सैनिक है।
पुलिस ने कुंडे को गिरफ्तार कर उसके पास से एक रिवॉल्वर और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। 26 वर्षीय प्रतमेश बागुल की तलाश जारी है। पारेख और कुंडे को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
वकील का दावा- पारेख खुद भी धोखाधड़ी का शिकार हो सकता है
अदालत में पारेख की ओर से पेश वकील आनंदिनी फर्नांडिस ने दावा किया कि संभव है कि पारेख खुद भी धोखाधड़ी का शिकार हुआ हो। वकील के मुताबिक, करीब दो साल पहले तरुण कपूर नाम के एक व्यक्ति ने पारेख से संपर्क किया था।
वकील ने बताया कि पारेख को PMO में नौकरी की पेशकश की गई थी और 68 हजार रुपये मासिक वेतन बताया गया था। उसे कथित तौर पर PMO में रक्षा नीति से जुड़े काम करने की जानकारी दी गई थी। वकील ने अदालत को बताया कि पारेख को प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला एक पत्र और PMO का डिजिटल पहचान पत्र भी मिला था।
परफ्यूम खरीदने जियो प्लाजा गया था पारेख
पारेख हीरा कारोबारी का बेटा है और उसने ब्रिटेन की एक यूनिवर्सिटी से मैथ और फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया है। उसकी हाल ही में सगाई हुई है।
उसके वकील ने अदालत में कहा कि पारेख अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदने जियो प्लाजा गया था। वकील ने दावा किया कि उसकी कोई गलत मंशा नहीं थी और उसके पास मौजूद सभी सामग्री उसने पहले BKC पुलिस और बाद में मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।
जिस परिसर में मोदी का कार्यक्रम, वहीं हुई सुरक्षा चूक
जियो वर्ल्ड प्लाजा उसी परिसर का हिस्सा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम 7वें ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में बोलने वाले थे। जियो कन्वेंशन सेंटर 17 एकड़ में फैला है और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के बीचोंबीच स्थित है। परिसर में कुल 22 गेट हैं।
पुलिस के मुताबिक, प्रधानमंत्री के पहुंचने से पांच दिन पहले से ही कन्वेंशन सेंटर की सुरक्षा आमतौर पर SPG संभाल लेती है। ऐसे में कार्यक्रम से पहले जियो वर्ल्ड प्लाजा में कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर प्रवेश की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

