
सूरत: पुलिस के नाम पर आतंक फैलाने वाला मुंबई पुलिस का निलंबित सब इंस्पेक्टर रंजीत कासले आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गया। सूरत शहर की पाल थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर लोगों को डराता और ठगता था।
महिला लोन एजेंट से लूटपाट का मामला
पुलिस के अनुसार, आरोपी रंजीत कासले ने एक महिला लोन एजेंट से 2.25 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन लूट लिया था। उसने पीड़िता को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी और अपने आपको वरिष्ठ क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया।
पुलिस के नाम पर फैला रखा था डर
आरोपी कासले खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का प्रभावशाली अधिकारी बताकर लोगों में खौफ पैदा करता था। सूरत में भी उसने कई लोगों को धमकाया और अवैध रूप से पैसे वसूले। पुलिस जांच में सामने आया कि वह लोगों को विश्वास में लेकर अपराध करता था।
पहले से दर्ज हैं सात आपराधिक मामले
जांच के दौरान पता चला है कि रंजीत कासले के खिलाफ मुंबई के अलग-अलग थानों में 7 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, मारपीट, धमकी और लूटपाट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसके बावजूद, वह अब तक खुलेआम अपराध करता रहा।
मुंबई पुलिस से हो चुका है निलंबन
जानकारी के अनुसार, रंजीत कासले मुंबई पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था। विभागीय जांच में कई गंभीर आरोप साबित होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद भी वह पुलिस की वर्दी और पहचान का गलत इस्तेमाल करता रहा।
सूरत पुलिस की सक्रियता से पकड़ा गया आरोपी
पाल थाना पुलिस को जब शिकायत मिली, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। टीम ने तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से रंजीत कासले को मुंबई से गिरफ्तार किया और सूरत लाकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में खुल सकते हैं और राज
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रंजीत कासले से पूछताछ में और भी मामलों के खुलासे की उम्मीद है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसने किसी पुलिसकर्मी या अपराधी गिरोह के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम दिया।
आरोपी पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
सूरत पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लूट, धमकी और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि जनता का भरोसा बना रहे।

