
नवी मुंबई। दिवाली की रात नवी मुंबई में दो अलग-अलग जगहों पर लगी भीषण आग ने खुशियों को मातम में बदल दिया। वाशी और कामोठे इलाके में हुई इन दो घटनाओं में कुल 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 12:30 बजे, वाशी सेक्टर-14 स्थित एमजी कॉम्प्लेक्स की रहेजा रेसिडेंसी के 10वें माले पर अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि उसने 11वें और 12वें माले को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में 84 वर्षीय बुजुर्ग महिला, एक दंपति और उनकी 6 साल की बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कमला हिरालाल जैन (84), सुंदर बालकृष्णन (44), पूजा राजन (39) और वेदिका बालकृष्णन (6) शामिल हैं।
आग पर पांच घंटे बाद पाया गया काबू
अग्निशमन विभाग को सूचना मिलते ही वाशी, नेरुल, रबाले, ऐरोली, पनवेल और एमआईडीसी से कुल 9 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना में कई लोग झुलस गए, जिन्हें फोर्टिस हिरानंदानी और एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायलों में कई बुजुर्ग और युवा शामिल
जख्मी लोगों में मानबेंद्र घोष (69), मलिका घोष (58), रितिका घोष (39), भावना जैन (49), महावीर जैन (51), क्रिश जैन (21), निर्मल जैन (53), मेहुल जैन (32), दमयंती अग्रवाल (80) और सुमंती टोपणो (18) शामिल हैं।
प्रशासन ने लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही ठाणे के पूर्व सांसद डॉ. संजीव नाइक और नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे मौके पर पहुंचे। आयुक्त शिंदे ने अधिकारियों को आग लगने के कारणों की सख्त जांच करने और पार्किंग प्रबंधन सुधारने के निर्देश दिए, क्योंकि वाहन पार्किंग की वजह से फायर ब्रिगेड को इमारत तक पहुंचने में देरी हुई थी।
एसीपी ने बताई हादसे की वजह
सहायक पुलिस आयुक्त आदिनाथ बुधवंत ने बताया कि आग अचानक लगी थी और उसकी तीव्रता बहुत अधिक थी, जिससे 11वें और 12वें माले पर रहने वालों को धुएं की वजह से बाहर निकलने का समय नहीं मिला। हादसे में करीब 14 लोग घायल हुए हैं।
दूसरी घटना: कामोठे में सिलेंडर विस्फोट से मां-बेटी की मौत
इसी रात, कामोठे सेक्टर-36 स्थित अंबे श्रद्धा सोसायटी में तड़के करीब साढ़े पांच बजे गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। इस हादसे में मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि कुछ ही क्षणों में पूरा घर आग की लपटों में घिर गया।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इमारत के अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन सोई हुई मां-बेटी को बचाया नहीं जा सका।

