
अंबाला (हरियाणा): भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर के रूप में उनकी यह ऐतिहासिक उड़ान भारतीय वायुसेना के साहस और सामर्थ्य का प्रतीक बनी।
🎖️ भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर
अंबाला पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मू का एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने स्वागत किया। इस मौके पर वायुसेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति ने यहां वायुसेना के एक विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और 30 मिनट की उड़ान के दौरान राफेल की क्षमताओं का प्रत्यक्ष अनुभव लिया।
🛫 हवा में आधे घंटे तक लिया वायुसेना का जायजा
दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा अंबाला पहुंचने के बाद, महामहिम ने जिप्सी में खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने एयरफोर्स स्टेशन की विभिन्न यूनिट्स का दौरा किया और अधिकारियों से राफेल के तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं पर जानकारी ली।
⚔️ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखा राफेल का दम
फ्रांस निर्मित राफेल सितंबर 2020 में अंबाला एयरबेस पर भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। पहला स्क्वाड्रन 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज़’ के तहत कार्यरत है।
हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (मई 2025) में आतंकवाद विरोधी मिशन के दौरान राफेल विमानों ने अपनी दमदार भूमिका निभाई थी, जिसने वायुसेना की शक्ति को वैश्विक स्तर पर उजागर किया।
👩✈️ सुखोई के बाद अब राफेल में उड़ान
राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन में सुखोई-30 एमकेआई विमान में उड़ान भर चुकी हैं।
वह सुखोई में उड़ान भरने वाली तीसरी भारतीय राष्ट्रपति बनी थीं — उनसे पहले डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (2006) और प्रतिभा पाटिल (2009) ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
🔐 हाई अलर्ट पर अंबाला स्टेशन
इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि एयरफोर्स स्टेशन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगाई गई थी और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। मोबाइल फोन ले जाने की भी मनाही रही।
🇮🇳 सेना का मनोबल बढ़ाने वाली उड़ान
राष्ट्रपति मुर्मू का यह कदम न सिर्फ वायुसेना के जवानों का मनोबल बढ़ाता है बल्कि देश की रक्षा क्षमता और ‘नारी शक्ति’ के सशक्तिकरण का भी प्रतीक है।

