
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में आज सुबह श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि त्योहारी भीड़ और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था इस हादसे की मुख्य वजह रही।
एक ही रास्ता बना हादसे की जड़
मंदिर में आने और जाने का रास्ता एक ही होने के कारण श्रद्धालु एक-दूसरे के बीच फंस गए। भीड़ बढ़ती गई और कुछ श्रद्धालु गिर पड़े, जिससे अफरातफरी मच गई। लोगों को संभालने की कोशिश में और भी लोग गिरते गए और भगदड़ की स्थिति बन गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रवेश और निकास के रास्ते अलग होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
एकादशी के दिन उमड़ी रिकॉर्ड भीड़
हर सप्ताहांत इस मंदिर में करीब 10 से 15 हजार श्रद्धालु आते हैं, लेकिन एकादशी के अवसर पर यह संख्या बढ़कर लगभग 25 हजार तक पहुंच गई। मंदिर के प्रशासक हरिमुकुंद पांडा ने कहा कि उन्हें इतने अधिक भक्तों की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी, लेकिन भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हो पाए।
निर्माण कार्य से बढ़ा खतरा
12 एकड़ में फैले इस मंदिर का उद्घाटन कुछ महीने पहले ही हुआ था, लेकिन परिसर में अभी भी निर्माण कार्य जारी था। जगह-जगह मचान और निर्माण सामग्री रखी हुई थी, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही में दिक्कतें आईं। अधूरे निर्माण कार्य के बीच इतने बड़े पैमाने पर लोगों को प्रवेश देना जोखिमभरा साबित हुआ।
निजी प्रबंधन और अनुमति की कमी पर उठे सवाल
अधिकारियों के अनुसार, यह मंदिर निजी स्वामित्व में है और एकादशी के आयोजन के लिए सरकार से अनुमति नहीं ली गई थी। स्थानीय विधायक जी सिरीशा ने बताया कि मंदिर का निर्माण और संचालन एक जमींदार परिवार द्वारा किया जा रहा है। यह मंदिर दान विभाग के अधीन नहीं है, जिससे प्रशासनिक निगरानी की कमी रही।
जांच और कार्रवाई शुरू, प्रशासन हरकत में
श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक केवी महेश्वर रेड्डी ने बताया कि मंदिर के प्रशासक हरिमुकुंद पांडा पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और केंद्र की ओर से सहायता का भरोसा दिया।

