Rohit Arya Case: पवई स्टूडियो कांड में नए खुलासे — मंत्री दादा भुसे ने मांगी रिपोर्ट, पुलिस ने बताई पूरी प्लानिंग

Thecity news
4 Min Read

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री दादा भुसे ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने बच्चों और वयस्कों को बंधक बनाने के आरोपी रोहित आर्य द्वारा शिक्षा विभाग के साथ किए गए काम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आर्य (50) गुरुवार को पवई स्थित आरए स्टूडियो में 17 बच्चों और दो वयस्कों को बंधक बनाने के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।


🎬 ऑडिशन के बहाने बुलाए गए बच्चे

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 10 से 12 वर्ष की उम्र के बच्चों को वेब सीरीज़ के ऑडिशन के नाम पर बुलाया गया था। आर्य ने दावा किया था कि शिक्षा विभाग की एक परियोजना का भुगतान बकाया है।
मंत्री भुसे ने बताया कि आर्य की कंपनी ‘अप्सरा एंटरटेनमेंट नेटवर्क’ ने ‘स्वच्छता मॉनिटर पहल’ चलाई थी, जिसमें कई स्कूलों से धनराशि भी ली गई थी।


🏛️ शिक्षा विभाग से मांगी गई रिपोर्ट

विभाग ने पहले ही आर्य के खिलाफ कार्रवाई की थी। वहीं, पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि उन्होंने आर्य को आर्थिक मदद दी थी, क्योंकि विभाग से भुगतान न मिलने की शिकायत उसने की थी।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, आर्य ‘प्रोजेक्ट लेट्स चेंज’ का निदेशक था, जिसने 64,000 स्कूलों और 59 लाख छात्रों को जोड़कर स्वच्छता अभियान चलाया था।


📦 (बॉक्स 1)

पुलिस की एंट्री रोकने के लिए दरवाजों-खिड़कियों पर लगाए थे सेंसर

पुलिस के अनुसार, आर्य ने स्टूडियो को पूरी तरह से सुरक्षित किले में तब्दील कर दिया था। उसने मोशन डिटेक्शन सेंसरCCTV कैमरों की दिशा बदली, और प्रवेश द्वारों को ब्लॉक कर दिया था ताकि पुलिस अंदर न आ सके।
पुलिस की टीम जब बाथरूम के रास्ते अंदर दाखिल हुई, तो सेंसर ने हरकत पकड़ ली थी। यह सब उसकी पूर्व-नियोजित योजना का हिस्सा था।


📦 (बॉक्स 2)

वीडियोग्राफर ने बताया — “आर्य ने आग लगाने की तैयारी की थी”

वीडियोग्राफर रोहन अहीर, जो पिछले 10 साल से आर्य के साथ काम कर रहे थे, ने पूरी घटना का ब्योरा दिया।
उन्होंने बताया कि आर्य ने शूटिंग के लिए उनसे पांच लीटर पेट्रोल और पटाखे लाने को कहा था।
जब अहीर ने ऐसा करने से इनकार किया, तो आर्य ने खुद रासायनिक तरल फैलाकर आग लगा दी
अहीर ने बच्चों को बचाने की कोशिश में खिड़की तोड़ी, जिससे वह घायल हो गए।
आर्य ने उनकी आंखों में मिर्च स्प्रे छिड़का और उन्हें नीचे धक्का दे दिया।


🧒 बच्चों के सामने किया ड्रामा

अहीर ने बताया कि आर्य बच्चों के सामने लगातार ड्रामा करता रहा — उसने पटाखे जलाए और झूठ बोला कि “बाहर फायरिंग चल रही है, इसलिए कोई बाहर न जाए।”
इससे बच्चे और महिलाएं डरे रहे। पुलिस के पहुंचने के बाद अहीर ने चार बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तभी गोलियों की आवाज़ आई।


📦 (बॉक्स 3)

बच्चे की दादी बोलीं — आरोपी ने अच्छा बर्ताव किया, पर बहुत डराया

मंगला पाटनकर, जो अपनी पोती को ऑडिशन के लिए लेकर आई थीं, ने बताया कि आर्य बच्चों के साथ नरमी से पेश आया, लेकिन लगातार डराने-धमकाने वाला ड्रामा करता रहा।
उन्होंने बताया कि आरोपी ने दिवाली के पटाखे फोड़ते हुए कहा कि “बाहर फायरिंग हो रही है।”
बच्चों को बचाने की कोशिश में मंगला के सिर में भी कांच के टुकड़ों से चोटें आईं। वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं।


👮 पुलिस जांच तेज़, शिक्षा विभाग की रिपोर्ट लंबित

महाराष्ट्र पुलिस ने आर्य की कंपनी और उसकी शैक्षणिक परियोजनाओं से जुड़े फंड ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी है।
वहीं, मंत्री दादा भुसे ने स्पष्ट किया कि “सरकार किसी भी विभागीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी।”

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *