Maharashtra Municipal Election 2025: 29 महानगरपालिका चुनाव में गठबंधन के बिना कोई नहीं उतरने को तैयार
महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 30 दिसंबर 2025 तय है, लेकिन राज्य की सियासत अभी भी गठबंधन के पेंच में उलझी हुई है। हालात ऐसे हैं कि कोई भी बड़ा राजनीतिक दल अकेले दम पर चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा।
यही वजह है कि अंतिम समय तक उम्मीदवारों के नाम तय नहीं हो पाए हैं और मुंबई से नागपुर तक बैठकों का दौर लगातार जारी है।
🏙️ मुंबई में ठाकरे बंधु का शरद पवार गुट के साथ एलायंस
मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक समीकरण सामने आया है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
हालांकि, BJP और शिंदे सेना को चुनौती देने के लिए मजबूरी में अब शरद पवार गुट (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरद पवार) भी इस गठबंधन में शामिल हो गया है।
यूबीटी के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने पुष्टि करते हुए कहा कि:
यूबीटी-मनसे गठबंधन में अब शरद पवार की पार्टी भी शामिल हो गई है।
बताया गया कि राकांपा नेता जयंत पाटिल ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे से मातोश्री (बांद्रा ईस्ट) में मुलाकात की थी, जहां गठबंधन पर अंतिम मुहर लगी।
🤝 कांग्रेस को मनाने की कोशिश जारी
मुंबई में कांग्रेस ने फिलहाल अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
सूत्रों के मुताबिक:
- उद्धव ठाकरे गुट
- शरद पवार गुट
दोनों मिलकर कांग्रेस को साथ लाने की अंतिम कोशिश कर रहे हैं, ताकि वोटों का बंटवारा रोका जा सके।
यूबीटी प्रवक्ता संजय राउत ने इस मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी बातचीत कर आगे की रणनीति पर चर्चा की है, लेकिन कांग्रेस के सख्त रुख को देखते हुए राह आसान नहीं दिख रही।
🟠 BJP भी शिंदे सेना पर निर्भर
महायुति में नंबर-1 पार्टी होने के बावजूद BJP भी अकेले चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं है।
- मुंबई महानगरपालिका में सीट बंटवारे को लेकर शिंदे सेना से कड़ी बातचीत
- ठाणे महानगरपालिका में बीजेपी को ज्यादा सीटें छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा
- नवी मुंबई महानगरपालिका में दोनों दलों के बीच तीखा मतभेद
इन हालातों ने साफ कर दिया है कि इस बार महानगरपालिका चुनाव गठबंधन की राजनीति के इर्द-गिर्द ही घूमने वाले हैं।
📌 राजनीतिक तस्वीर साफ होने में देरी
नामांकन की आखिरी तारीख नजदीक होने के बावजूद:
- गठबंधन अधूरे
- उम्मीदवार तय नहीं
- सीट शेयरिंग फाइनल नहीं
ऐसे में अगले कुछ दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

