1993 मुंबई बम धमाकों में रिहाई की मांग कर रहा था अबू सलेम, कोर्ट ने कहा- नवंबर 2030 में पूरी होगी 25 साल की अवधि
सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर अबू सलेम को बड़ा झटका देते हुए 1993 के मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट मामले में रिहाई की मांग वाली उसकी याचिका खारिज कर दी है। सलेम का दावा था कि सुप्रीम कोर्ट के 2022 के फैसले के अनुसार वह 25 साल की जेल की अवधि पूरी कर चुका है। हालांकि, सर्वोच्च अदालत ने उसके तर्क को स्वीकार नहीं किया।
बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा अप्रैल 2026 में उसकी रिहाई की याचिका खारिज किए जाने के बाद अबू सलेम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि सामान्य गणना के आधार पर भी 11 नवंबर 2005 से 25 साल की अवधि अभी पूरी नहीं हुई है।
25 साल की सजा को लेकर क्या है मामला?
अबू सलेम को 1993 के मुंबई बम धमाकों और कारोबारी प्रदीप जैन की हत्या के मामलों में मुकदमे का सामना करने के लिए भारत प्रत्यर्पित किया गया था। भारत सरकार ने पुर्तगाल को आश्वासन दिया था कि उसे 25 साल से अधिक की जेल की सजा नहीं दी जाएगी।
इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने दोनों मामलों में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई 2022 को पुर्तगाल को दिए गए भारत सरकार के आश्वासन को ध्यान में रखते हुए उसकी सजा को प्रभावी रूप से 25 साल तक सीमित कर दिया था।
अब विवाद इस बात को लेकर है कि इन 25 वर्षों की गणना किस तारीख से की जाए।
अबू सलेम ने 2002 से सजा गिनने की मांग की
अबू सलेम का तर्क था कि उसकी सजा की अवधि 18 सितंबर 2002 से गिनी जानी चाहिए। इसी दिन भारत के अनुरोध पर इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद उसे पुर्तगाल में हिरासत में लिया गया था।
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि उसकी 25 साल की सजा की गणना 11 नवंबर 2005 से होगी। सरकार के मुताबिक, इसी तारीख को अबू सलेम को भारत की जेल में लाया गया था। केंद्र ने यह भी तर्क दिया कि पुर्तगाल में उसकी हिरासत पासपोर्ट से जुड़े एक अलग अपराध के सिलसिले में हुई थी और उस अवधि का उस अपराध से संबंध नहीं था, जिसके लिए उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान इसी गणना की ओर इशारा करते हुए कहा कि 11 नवंबर 2005 से 25 साल की अवधि नवंबर 2030 में पूरी होगी।
कौन है अबू सलेम?
अबू सलेम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सिंडिकेट से जुड़ा रहा है। उसे 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों के मामले में जून 2017 में दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
अबू सलेम को इन धमाकों में इस्तेमाल किए गए हथियार गुजरात से मुंबई ले जाने का दोषी पाया गया था। 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 700 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
इसके अलावा, कारोबारी प्रदीप जैन की हत्या के मामले में भी उसे 2015 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

