डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद ब्रेंट क्रूड 10% तक लुढ़का, तेल सस्ता होने से एविएशन कंपनियों को राहत की उम्मीद
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद मंगलवार को एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। खासतौर पर InterGlobe Aviation (इंडिगो) और SpiceJet के शेयरों में मजबूत उछाल दर्ज किया गया। तेल की कीमतों में नरमी से एयरलाइन कंपनियों की लागत कम होने की उम्मीद जगी है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसका असर शेयर बाजार में तुरंत देखने को मिला। इंडिगो का शेयर करीब 5.6 प्रतिशत चढ़कर 4475.25 रुपये के दिन के उच्च स्तर तक पहुंच गया, जबकि स्पाइसजेट के शेयर में करीब 7.7 प्रतिशत की तेजी आई और यह 14.08 रुपये पर पहुंच गया।
ट्रंप के बयान से बदला तेल बाजार का रुख
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह Donald Trump का हालिया बयान माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष आशंका से पहले समाप्त हो सकता है। साथ ही उन्होंने तेल से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में ढील देने की संभावना भी जताई।
ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई कदमों पर विचार कर रहा है। इसमें तेल प्रतिबंधों में राहत देने और Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी नौसेना को तैनात करना भी शामिल है।
G7 देशों ने भी जताई तैयारी
इससे पहले G7 देशों ने भी कहा था कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ने पर वे रणनीतिक तेल भंडार जारी करने सहित सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
इन घटनाक्रमों के बीच मंगलवार सुबह करीब 9:15 बजे Brent Crude करीब 6 प्रतिशत गिरकर लगभग 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई थी।
भारत के लिए राहत की खबर
कच्चे तेल की कीमतों में आई यह गिरावट भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है। तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है और महंगाई का दबाव भी बढ़ता है।
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थी, जो जुलाई 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था। उस समय आशंका जताई जा रही थी कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
इंडिगो की उड़ानों पर पड़ा था असर
पिछले सप्ताह जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे, उसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इस स्थिति को देखते हुए IndiGo ने मध्य पूर्व के लिए अपनी कई उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी थीं।
अब तेल की कीमतों में आई नरमी से एयरलाइन कंपनियों को अपने परिचालन को फिर से पटरी पर लाने में भी मदद मिल सकती है और निवेशकों को आगे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

